प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि गुजरात में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे “सुशासन” और विकास-केंद्रित राजनीति पर लोगों के भरोसे को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि इस मजबूत जनादेश ने गुजरात की जनता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच संबंध को और मजबूत किया है।
स्थानीय निकायों में भाजपा का प्रदर्शन
भाजपा ने नगर निगमों, नगरपालिकाओं, तालुका पंचायतों और जिला पंचायतों के चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया। नतीजों के बाद मोदी ने X पर एक बयान साझा किया। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने एक बार फिर सरकार के विकास और जनकल्याण के एजेंडे का समर्थन किया है।
उन्होंने लिखा, “राज्य सरकार के जन-केंद्रित और विकासोन्मुख कार्यों को पहचानते हुए गुजरात की जनता ने एक बार फिर सुशासन की राजनीति पर अपना भरोसा जताया है। ये नतीजे स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि वर्षों से भाजपा द्वारा किए गए अथक प्रयासों को जनता का हार्दिक आशीर्वाद मिला है।”
ગુજરાત અને ભારતીય જનતા પાર્ટી વચ્ચેનો સંબંધ હવે વધુ ગાઢ અને અખંડ બન્યો છે!
— Narendra Modi (@narendramodi) April 28, 2026
રાજ્યભરમાં યોજાયેલી મહાનગરપાલિકા, નગરપાલિકા, તાલુકા પંચાયત અને જિલ્લા પંચાયતની ચૂંટણીઓમાં ભાજપને મળેલા પ્રચંડ જનસમર્થન અને જનાદેશ બદલ ગુજરાતની જનતાનો હૃદયપૂર્વક આભાર વ્યક્ત કરું છું.
રાજ્ય સરકારના…
विकास जारी रखने का वादा
मोदी ने कहा कि पार्टी भविष्य में और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम जारी रखेगी। उन्होंने कहा, “मैं गुजरात की जनता को आश्वस्त करता हूं कि आने वाले समय में हम और अधिक समर्पण और निष्ठा के साथ काम करेंगे और राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।”
अब तक के चुनाव परिणाम
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 9,900 से अधिक सीटों में से 6,472 सीटें जीती हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 1,412 सीटें मिलीं। अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों, जिनमें आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन शामिल हैं, ने 597 सीटें जीतीं।
मतदान और चुनावी बदलाव
रविवार को कई स्थानीय निकायों में मतदान हुआ। इनमें 15 नगर निगम, 84 नगरपालिकाएं, 34 जिला पंचायतें और 260 तालुका पंचायतें शामिल हैं।
ये चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के संशोधित नियमों के बाद हुए। मतदान से पहले कई जिलों में परिसीमन और वार्ड पुनर्गठन किया गया था। 4.18 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान के पात्र थे।
नए नगर निगम शामिल
इन चुनावों में नौ नए नगर निगम भी शामिल किए गए। इनमें नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, वापी, आनंद, नडियाद, मेहसाणा, पोरबंदर और सुरेंद्रनगर शामिल हैं। इन नए नगर निगमों के जुड़ने से राज्य में स्थानीय चुनावों का दायरा और बढ़ गया।
