मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान ने चेतावनी दी कि संघर्ष जारी रहेगा और अमेरिका को “स्थायी अपमान, पछतावा और आत्मसमर्पण” का सामना करना पड़ेगा।
ईरान की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान की नौसेना और वायुसेना कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के नेतृत्व को भारी नुकसान हुआ है।
ईरान ने अमेरिकी खुफिया दावों को खारिज किया
ईरान ने इन दावों को खारिज कर दिया। प्रेस टीवी के अनुसार खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी खुफिया जानकारी अधूरी है।
उन्होंने ट्रंप के बयान को सीधे चुनौती देते हुए कहा, “हमारी सैन्य शक्ति और उपकरणों के बारे में आपकी खुफिया जानकारी अधूरी है। हमारी व्यापक रणनीतिक क्षमताओं के बारे में आपको कुछ भी पता नहीं है। यह मत मानिए कि आपने हमारे रणनीतिक मिसाइल उत्पादन केंद्रों, लंबी दूरी के हमले और सटीक ड्रोन, आधुनिक वायु-रक्षा प्रणालियों, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली या विशेष उपकरणों को नष्ट कर दिया है।”
ईरान ने सैन्य शक्ति का दावा किया
ईरान ने कहा कि उसके पास अब भी मजबूत सैन्य क्षमताएं मौजूद हैं। उसने इस दावे को भी खारिज किया कि उसके मिसाइल और ड्रोन सिस्टम कमजोर पड़ गए हैं।
खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बीच सैन्य अभियानों का समन्वय करता है। यह कमान ईरान की रक्षा रणनीति में अहम भूमिका निभाती है।
आगे भी हमलों की चेतावनी
ईरान ने इस संघर्ष की शुरुआत के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और आगे भी हमले जारी रहने की चेतावनी दी। प्रवक्ता ने कहा, “आपको हमारे सम्मानित, प्रिय और मुस्लिम राष्ट्र के खिलाफ शुरू किए गए आक्रमण की कीमत चुकानी होगी।”
उन्होंने आगे कहा, “यह युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक आपको स्थायी अपमान, पछतावा और आत्मसमर्पण का सामना नहीं करना पड़ता। आप हमसे और भी विनाशकारी और करारी जवाबी कार्रवाई की उम्मीद रखें, क्योंकि आपको पहले ही गंभीर झटके मिल चुके हैं।”
ट्रंप ने युद्ध में सफलता का दावा किया
इससे पहले ट्रंप ने अमेरिका को संबोधित करते हुए सैन्य अभियान की प्रशंसा की थी। उन्होंने इसे “निर्णायक सफलता” बताया और कहा कि मिशन अपने लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक और हवाई ताकत को नष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना बर्बाद हो गई है, और उसके अधिकांश नेता, जो आतंकवादी थे, अब मारे जा चुके हैं।”
