शुक्रवार को तेहरान में वार्षिक कुद्स डे रैली के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जहां कई लोगों को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तस्वीरें और सेल्फी लेते देखा गया।
रिपोर्टों के अनुसार, बाद में इस सभा के पास हमले हुए जिनका आरोप अमेरिका और इज़राइल पर लगाया गया। इस हमले में कम से कम एक महिला की मौत हो गई। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, सरकारी टेलीविजन के फुटेज में पेज़ेशकियन को फिलिस्तीनी मुद्दे के समर्थन में निकाली गई रैली के दौरान बारिश से भीगी सड़कों पर समर्थकों से मिलते और सेल्फी के लिए पोज़ देते देखा गया।
शीर्ष ईरानी अधिकारियों की मौजूदगी, एकजुटता का संदेश
चल रहे संघर्ष के बीच एकजुटता दिखाने के लिए कई वरिष्ठ ईरानी नेता इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इनमें राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी, न्यायपालिका प्रमुख ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई, राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख अहमद-रेज़ा रदान और विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची शामिल थे।
इन शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी उस हमले के बाद एक दुर्लभ सार्वजनिक उपस्थिति मानी गई, जो 28 फरवरी को हुआ था और जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई तथा कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौत हो गई थी।
लारिजानी ने हमलों को ‘हताशा की कार्रवाई’ बताया
अली लारिजानी ने रैली के पास हुए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए उन्हें कमजोरी का संकेत बताया। उन्होंने सरकारी टीवी से कहा, “ये हमले डर और हताशा से किए गए हैं। जो ताकतवर होता है, वह प्रदर्शनों पर बमबारी नहीं करता। साफ है कि वे असफल हो चुके हैं।” उनकी यह टिप्पणी चल रहे संघर्ष के बीच ईरान की ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
रैली के दौरान इंटरव्यू के बीच हमला
प्रदर्शन के दौरान ग़ुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई एक सरकारी टीवी रिपोर्टर से बात कर रहे थे, तभी पास में हमला हुआ। उनके अंगरक्षकों ने तुरंत उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया।
तनाव के बावजूद उन्होंने मुट्ठी उठाकर कहा कि ईरान पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा, “ईरान इस बारिश और मिसाइलों के बीच भी कभी पीछे नहीं हटेगा। हमारे लोग बमबारी से नहीं डरते, हम इसी रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।”
रूसी मीडिया आउटलेट्स द्वारा साझा किए गए वीडियो में राष्ट्रपति और अन्य अधिकारियों को भी रैली के दौरान भीड़ से बातचीत करते देखा गया।
पेज़ेशकियन ने ट्रंप की आलोचना की
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने इस कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने ईरानी जनता के संकल्प को कम आंका है।उन्होंने कहा, “वह यह नहीं समझते कि ईरानी लोग एक बहादुर, मजबूत और दृढ़ राष्ट्र हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जितना ज्यादा दबाव डाला जाएगा, उतना ही देश का संकल्प मजबूत होगा।”
रैली स्थल के पास धमाकों की खबर
शुक्रवार को बाद में तेहरान के मध्य क्षेत्र में रैली के स्थान से ज्यादा दूर नहीं, शक्तिशाली धमाकों से इलाका दहल उठा। यह जानकारी सरकारी टेलीविजन ने दी।
यह हमला उस चेतावनी के बावजूद हुआ जिसमें इज़राइल ने पहले कहा था कि वह ईरान की राजधानी में कुछ स्थानों को निशाना बना सकता है। इसके बावजूद रैली जारी रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि संघर्ष शुरू होने के लगभग दो सप्ताह बाद भी दोनों पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई परिवार के समर्थन में नारे लगाए
हजारों लोग तेहरान में रैली के दौरान सड़कों पर उतरे और फिलिस्तीन के समर्थन तथा इज़राइल के विरोध में मार्च किया। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में अली खामेनेई और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई की तस्वीरें थीं, जिन्हें व्यापक रूप से उनका उत्तराधिकारी माना जाता है। एएफपी के पत्रकारों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों को डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीरों पर पैर रखते हुए भी देखा गया।
मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से नहीं आए
मोजतबा खामेनेई ने हाल ही में अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में नामित किए जाने के बाद पहला सार्वजनिक बयान जारी किया था।
रिपोर्टों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत में हुए शुरुआती हमलों के दौरान वह घायल हो गए थे। हालांकि संघर्ष शुरू होने के बाद से वह अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
