ईरान ने भारतीय ध्वज वाले दो तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) जहाजों को रणनीतिक होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इस फैसले की पुष्टि की। इस कदम से भारत में रसोई गैस की संभावित कमी को लेकर बनी चिंताएं कम हो सकती हैं।
मामले से परिचित एक व्यक्ति ने कहा, “इन जहाजों को होरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी गई है।” उस व्यक्ति ने अपनी पहचान जाहिर करने से इनकार किया और अधिक जानकारी साझा नहीं की।
होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। यह पर्शियन गल्फ को वैश्विक समुद्री मार्गों से जोड़ता है। भारत के लगभग आधे तेल आयात इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरते हैं।
भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय बातचीत
यह फैसला भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच हुई फोन बातचीत के तुरंत बाद आया। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत थी।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बात की। बातचीत के बाद मोदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने भारतीय नागरिकों और व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि “भारतीय नागरिकों की सुरक्षा” और “वस्तुओं तथा ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति” भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएँ बनी हुई हैं।
ईरान ने भारतीय जहाजों को समर्थन का संकेत दिया
शुक्रवार को इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया था कि भारतीय जहाजों को होरमुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग मिलेगा। फतहाली ने पत्रकारों से कहा, “हम मानते हैं कि ईरान और भारत दोस्त हैं। हमारे साझा हित हैं और हमारा साझा भविष्य है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने ईरान का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “युद्ध के बाद की इस स्थिति में भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में हमारी मदद की।” फतहाली ने यह भी जोड़ा कि जलमार्ग से आवाजाही को लेकर सकारात्मक घटनाक्रम “दो या तीन घंटे” के भीतर हो सकते हैं।
अन्य भारतीय जहाजों को अनुमति का इंतजार
सूत्रों के अनुसार, जलडमरूमध्य के पास इंतजार कर रहे अन्य जहाजों को लेकर भारतीय अधिकारी ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। करीब दो दर्जन भारतीय ध्वज वाले जहाज फिलहाल होरमुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में रुके हुए हैं और सुरक्षित मार्ग की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह मार्ग भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसमें किसी भी तरह का व्यवधान तेल और गैस की आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है।
सऊदी तेल टैंकर भारत की ओर
एक अलग घटनाक्रम में सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर जा रहा एक टैंकर शनिवार को भारत पहुंचने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि यह जहाज करीब 1 मार्च के आसपास होरमुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरा था और अब भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहा है। टैंकर की यह आवाजाही दिखाती है कि क्षेत्र में तनाव के बावजूद कुछ ऊर्जा आपूर्ति अब भी जारी है।
