आईसीसी पुरुष अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारत अंडर-19 ने हरारे में अफगानिस्तान अंडर-19 को सात विकेट से करारी शिकस्त दी। अफगानिस्तान ने 50 ओवर में 310/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें फैसल खान और उजैरुल्लाह नियाज़ई के तूफानी शतक शामिल थे। जवाब में एरॉन जॉर्ज के शानदार शतक, वैभव सूर्यवंशी की निडर 33 गेंदों में 68 रन की पारी और कप्तान आयुष म्हात्रे के शांत अर्धशतक की बदौलत भारत ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
अफगानिस्तान का विशाल स्कोर
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए अफगानिस्तान अंडर-19 ने फैसल शिनोज़ादा और उजैरुल्लाह नियाज़ई के बेहतरीन शतकों की मदद से 310/4 का बड़ा स्कोर बनाया। अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में इससे पहले कभी इतना बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं किया गया था। इस चरण पर अफगानिस्तान पूरी तरह नियंत्रण में नज़र आ रहा था।
बल्लेबाज़ी में अफगानिस्तान की मजबूत शुरुआत
हरारे की सपाट पिच पर अफगानिस्तान ने संयमित शुरुआत की। ओपनर उस्मान सादत और खालिद अहमदज़ई ने स्ट्राइक को अच्छी तरह घुमाया। अहमदज़ई ने आकर्षक शॉट्स से बाउंड्री लगाईं और टीम को 10 ओवर में बिना विकेट खोए 42 रन तक पहुंचाया।
भारत को पहली सफलता 13वें ओवर में मिली, जब दीपेश देवेंद्रन ने अंदर आती गेंद पर अहमदज़ई (31) को आउट किया।
शिनोज़ादा और नियाज़ई ने संभाली कमान
इसके बाद शिनोज़ादा ने पारी संभाली और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाज़ी की। विकेटकीपर के हेलमेट से गेंद टकराने पर अफगानिस्तान को पांच पेनल्टी रन भी मिले। टीम 22वें ओवर में 100 रन के पार पहुंच गई।
सादत के आउट होने के बाद शिनोज़ादा और नियाज़ई ने शांत तरीके से पारी को आगे बढ़ाया। शिनोज़ादा ने 49 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि नियाज़ई ने शुरुआत में सहायक भूमिका निभाई और स्ट्राइक रोटेट की।
अंतिम ओवरों में तेज़ी से रन
आखिरी चरण में दोनों बल्लेबाज़ों ने रफ्तार बढ़ाई। शिनोज़ादा ने लगातार दूसरा शतक जमाया, जबकि नियाज़ई ने डेथ ओवरों में चौके-छक्कों की बरसात की। अंतिम 10 ओवरों में अफगानिस्तान ने 111 रन जोड़े। नियाज़ई ने 85 गेंदों में शतक पूरा किया, वहीं शिनोज़ादा 110 रन बनाकर आउट हुए। अफगानिस्तान 300 के पार पहुंच गया और उसे लगा कि उसने पर्याप्त स्कोर बना लिया है।
भारत के ओपनरों ने रखा मजबूत आधार
हालांकि, भारत के शीर्ष क्रम के इरादे कुछ और ही थे। एरॉन जॉर्ज और वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज़ में शुरुआत की। दोनों बल्लेबाज़ों को शुरुआती जीवनदान मिला—जॉर्ज 20 पर और सूर्यवंशी 22 पर कैच छोड़े गए—जिसका अफगानिस्तान को भारी नुकसान हुआ।
ओपनिंग जोड़ी ने सिर्फ 57 गेंदों में 90 रन जोड़ दिए। एक छोर पर जॉर्ज की सधी हुई बल्लेबाज़ी थी, तो दूसरे छोर पर सूर्यवंशी का आक्रामक खेल।
सूर्यवंशी का आक्रामक अंदाज़
सूर्यवंशी ने जल्द ही गियर बदलते हुए स्पिनर वहीदुल्लाह ज़द्रान पर हमला बोला और लगातार बाउंड्री लगाईं। इसके बाद उन्होंने अब्दुल अज़ीज़ की गेंदों पर भी चौके-छक्के जड़े। शुरुआती जीवनदान के बाद उन्होंने सिर्फ 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया।
सात ओवर में भारत बिना विकेट खोए 73 रन तक पहुंच गया और अफगानिस्तान पर दबाव बढ़ गया।
जॉर्ज का संयम, म्हात्रे की तेजी
जॉर्ज ने संयम के साथ बल्लेबाज़ी जारी रखी। सूर्यवंशी के बाउंसर पर आउट होने के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे क्रीज़ पर आए और रन गति बनाए रखी।
म्हात्रे ने आते ही प्रभाव डाला—उनके पहले दो स्कोरिंग शॉट छक्के थे, इसके बाद एक चौका आया। जॉर्ज ने 52 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जबकि म्हात्रे ने सिर्फ 43 गेंदों में अपना अर्धशतक जमाया।
दोनों ने शतकीय साझेदारी कर भारत को 25 ओवर के भीतर 200 के पार पहुंचा दिया।
जॉर्ज का शतक, भारत की ऐतिहासिक जीत
म्हात्रे उस्मान सादत के शानदार कैच पर आउट हुए, लेकिन जॉर्ज डटे रहे। उन्होंने 94 गेंदों में मिड-ऑन के ऊपर से सुंदर फ्लिक लगाकर शतक पूरा किया। भारत जीत से सिर्फ 11 रन दूर था, तभी जॉर्ज आउट हुए, लेकिन मैच तब तक भारत की पकड़ में आ चुका था।
भारत ने 41.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और 53 गेंद शेष रहते इतिहास रच दिया।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
अफगानिस्तान (Afg): 310/4 (50 ओवर)
फैसल खान 110(93), उजैरुल्लाह नियाज़ई 101*(86), उस्मान सादत 39(70);
कनिष्क चौहान 2/55(9), दीपेश देवेंद्रन 2/64(10)
भारत (Ind): 311/3 (41.1 ओवर)
एरॉन जॉर्ज 115(104), वैभव सूर्यवंशी 68(33), आयुष म्हात्रे 62(59);
नूरिस्तानी उमरज़ई 2/64(10), वहीदुल्लाह ज़द्रान 1/67(7.1)
प्लेयर ऑफ द मैच: एरॉन जॉर्ज
भारत अंडर-19 ने रिकॉर्ड लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और अपने दसवें अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई। अफगानिस्तान ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन भारत की निडर बल्लेबाज़ी—खासकर वैभव सूर्यवंशी की तेज़ शुरुआत—ने लक्ष्य को आसान बना दिया। भारत के शीर्ष क्रम ने दबाव को बखूबी संभाला और रिकॉर्ड चेज़ के साथ इतिहास रच दिया। वहीं, अफगानिस्तान को छूटे मौकों और कैचों पर पछताना पड़ा।
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