प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में एक बड़े आधिकारिक समारोह में शामिल होंगे। वे मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे, जो मंदिर के निर्माण कार्य के पूर्ण होने का प्रतीक है।
ध्वज फहराने के बाद, जिसे कई लोग प्रतीकात्मक “दूसरी प्राण प्रतिष्ठा” कह रहे हैं, प्रधानमंत्री जनसभा को संबोधित करेंगे।
जनवरी की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूर्णता का संकेत
त्रिकोणीय भगवा ध्वज यह अंतिम घोषणा करता है कि अब राम मंदिर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इससे पहले जनवरी 2024 में गर्भगृह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। नया ध्वज समारोह मंदिर की यात्रा में अगला बड़ा चरण है।
अयोध्या में सुरक्षा कड़ी
पीएम मोदी के आगमन से पहले सुरक्षा को बेहद सख़्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने 6,970 सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं, जिनमें एटीएस कमांडो, एनएसजी स्नाइपर्स, साइबर विशेषज्ञ और विशेष तकनीकी टीमें शामिल हैं। पूरे शहर की कड़ी निगरानी की जा रही है।
ध्वज फहराने के समारोह के महत्वपूर्ण विवरण
ध्वज की विशेषताएँ
प्रधानमंत्री मंगलवार दोपहर एक समकोणीय त्रिकोणीय ध्वज फहराएंगे। इसकी ऊँचाई 10 फीट और लंबाई 20 फीट होगी। ध्वज पर निम्नलिखित प्रतीक होंगे:
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भगवान राम की तेजस्विता और वीरता का प्रतीक एक चमकता हुआ सूर्य
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‘ॐ’ का चिन्ह
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कोविदार वृक्ष की आकृति
बड़ी भीड़ की संभावना
सोमवार को ही भारी संख्या में भक्त राम जन्मभूमि मंदिर में राम दरबार के दर्शन के लिए पहुँच गए थे। अधिकारियों को मंगलवार को देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
भगवा ध्वज का प्रतीकात्मक अर्थ
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह ध्वज प्रतिष्ठा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का प्रतिनिधित्व करता है और रामराज्य के आदर्शों को दर्शाता है।
वास्तुकला और परिसर
ध्वज को उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित एक शिखर पर लगाया जाएगा। मंदिर परिसर के चारों ओर 800 मीटर लंबा परकोटा विभिन्न क्षेत्रों की स्थापत्य विशेषताओं का संगम प्रस्तुत करेगा।
पीएम मोदी के मंदिर परिसर में प्रस्तावित दर्शन
अयोध्या प्रवास के दौरान पीएम मोदी:
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सप्तमंदिर दर्शन करेंगे, जिसमें महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी को समर्पित मंदिर शामिल हैं
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शेषावतार मंदिर और माता अन्नपूर्णा मंदिर जाएंगे
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राम दरबार गर्भगृह में ‘दर्शन’ और ‘पूजा’ करेंगे
कार्यक्रम का शुभ मुहूर्त
यह समारोह मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हो रहा है। यह अभिजीत मुहूर्त से भी जुड़ा है—वही मुहूर्त जो श्रीराम और माता सीता की विवाह पंचमी से संबद्ध है। यह दिन नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी की शहादत दिवस का भी प्रतीक है, जिन्होंने 17वीं शताब्दी में अयोध्या में 48 घंटे ध्यान लगाया था।
शहर का भव्य सजावट
अयोध्या को लगभग 100 टन फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर और पूरे शहर में भव्य पुष्प सज्जा की गई है। पीएम मोदी ने 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का भूमि पूजन किया था। राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी।
