भारत-जापान के संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद के उल्लेख को लेकर पाकिस्तान ने जापान के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। इस्लामाबाद ने नई दिल्ली पर टोक्यो को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जापान ने पाकिस्तान के खिलाफ "एकतरफा" रुख अपना लिया है।
मार्को रुबियो ने एक बार फिर अमेरिकी दावे को दोहराया कि वॉशिंगटन ने 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त कराने में मदद की थी, जबकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे द्विपक्षीय वार्ता के जरिए हासिल किया गया था।