इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया सैन्य अभियानों का बचाव करते हुए कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री पद पर हैं, तब तक ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों ने देश की सुरक्षा को मजबूत किया है और क्षेत्रीय खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए स्विट्जरलैंड में आयोजित होने वाले समारोह की योजनाएं कथित तौर पर रद्द कर दी गई हैं, क्योंकि अब प्रक्रिया अगले 60 दिनों के दौरान कई देशों की भागीदारी वाली तकनीकी वार्ताओं के चरण में प्रवेश कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 नेताओं से कहा कि स्थायी शांति केवल संवाद, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच नाविकों की सुरक्षा और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की रक्षा की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।