इसरो ने जीएसएलवी-एफ18 प्रक्षेपण यान के माध्यम से एनवीएस-03 दिशा-निर्देशन उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया, जिससे भारत की नौवहन उपग्रह प्रणाली (नाविक) फिर से चार उपग्रहों वाली कार्यशील अवस्था में आ गई है और देश की स्वदेशी दिशा-निर्धारण क्षमताएँ और अधिक मजबूत हुई हैं।