यूनाइटेड किंगडम ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच बढ़ती वैश्विक ऊर्जा चिंताओं को देखते हुए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर चर्चा के लिए भारत और अन्य देशों को आमंत्रित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से पश्चिम एशिया संघर्ष पर बातचीत की, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा और सुरक्षित शिपिंग मार्गों के महत्व पर जोर दिया गया।
जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची अमेरिका पहुंच गई हैं, जहां वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करेंगी। इस बैठक का मुख्य फोकस ईरान संकट, आर्थिक सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना रहेगा।
भारत ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक या सामान्य समझौता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हर जहाज को कूटनीतिक समन्वय के जरिए मामले-दर-मामला आधार पर इस मार्ग से गुजराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट पर चर्चा के लिए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से बातचीत की और भारतीयों की सुरक्षा तथा ऊर्जा आपूर्ति की निर्बाध उपलब्धता को भारत की शीर्ष प्राथमिकताएँ बताया।
सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पार करने के बाद सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंचा। संघर्ष के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने के बाद यह भारत पहुंचने वाला पहला जहाज़ बन गया।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान और जर्मनी में अपने समकक्षों के साथ बातचीत की, क्योंकि नई दिल्ली इस संकट के दौरान कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है।