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भारत और वेनेज़ुएला के बीच ऊर्जा-केंद्रित वार्ता, तेल आयात बढ़ने के बीच सहयोग विस्तार पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने ऊर्जा सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा की। यह वार्ता ऐसे समय हुई जब भारत ने वेनेज़ुएला से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात में वृद्धि की है और दोनों देशों के बीच व्यापार व निवेश के नए अवसरों की तलाश भी की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के साथ बातचीत की, जिसमें ऊर्जा सहयोग बैठक का मुख्य केंद्र रहा। यह वार्ता ऐसे समय हुई जब भारत ने हाल ही में वेनेज़ुएला से कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के आयात में उल्लेखनीय वृद्धि की है। यह बदलाव इस साल की शुरुआत में पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद बने नए समझौते के तहत हुआ है।

रोड्रिगेज 3 जून से 6 जून तक भारत के दौरे पर रहीं और उनके साथ विदेश, वित्त, विज्ञान और परिवहन मंत्रियों सहित एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बातचीत करने वाली थीं।

भारत-वेनेज़ुएला वार्ता में ऊर्जा सहयोग प्रमुख

दोनों पक्षों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग पर विशेष जोर दिया गया। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि वेनेज़ुएला इस महीने की स्पॉट खरीद के जरिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने वेनेज़ुएला के तेल उद्योग में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम परियोजनाओं में भारतीय कंपनियों की भागीदारी के अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "वेनेज़ुएला का ऊर्जा क्षेत्र एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। वे भारत को लंबे समय तक एक स्थिर मांग वाले देश के रूप में देखते हैं। इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के लिए सहयोग की पूरी संभावना है, चाहे वह अपस्ट्रीम हो या डाउनस्ट्रीम।"

हालांकि इस दौरे के दौरान कोई समझौता (एग्रीमेंट) नहीं हुआ।

पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत ने बढ़ाया वेनेज़ुएला तेल आयात

भारत द्वारा वेनेज़ुएला से कच्चे तेल का बढ़ता आयात मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में तेल आपूर्ति में बाधाओं के कारण हुआ है। ईरान से जुड़े अमेरिका-इज़राइल संघर्ष के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग प्रभावित हुई है, जिससे भारतीय रिफाइनरियों को वैकल्पिक स्रोत तलाशने पड़े हैं।

Reuters के आंकड़ों के अनुसार, मई में वेनेज़ुएला का तेल निर्यात बढ़कर 12.5 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया, जो लगातार तीसरी मासिक वृद्धि है। भारत ने लगभग 4.27 लाख बैरल प्रतिदिन आयात किया, जिससे वह अमेरिका के बाद वेनेज़ुएला का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ हाल के महीनों में वेनेज़ुएला के तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक बन गई है। कंपनी ने कथित तौर पर PDVSA से सीधे और Chevron, Vitol और Trafigura जैसे व्यापारियों के माध्यम से तेल खरीदा है।

भुगतान व्यवस्था के बारे में पूछे जाने पर टंडन ने कहा कि कंपनियों को मौजूदा भुगतान व्यवस्था का पालन करना होगा, लेकिन उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।

वेनेज़ुएला के राजनीतिक बदलाव पर भी चर्चा

टंडन ने कहा कि मोदी और रोड्रिगेज के बीच वेनेज़ुएला के राजनीतिक परिवर्तन को लेकर “खुलकर बातचीत” हुई। हालांकि उन्होंने इसके विवरण साझा नहीं किए। उन्होंने कहा, "हम सभी जानते हैं कि वेनेज़ुएला में एक परिवर्तन हुआ है, लेकिन हम एक ऐसी सरकार के साथ काम कर रहे हैं जो भारत के साथ साझेदारी चाहती है और मित्रवत है।"

ONGC Videsh के बकाया और दवा कंपनियों के भुगतान का मुद्दा उठा

बैठक में ONGC Videsh के बकाया लाभांश का मुद्दा भी उठाया गया। टंडन के अनुसार, वेनेज़ुएला से कंपनी के 500 मिलियन डॉलर से अधिक बकाया हैं। उन्होंने कहा, "यह मुद्दा बातचीत में शामिल है और वे इसके प्रति संवेदनशील भी हैं।"

इसके अलावा, भारतीय फार्मा कंपनियों के 700 से 800 मिलियन डॉलर के लंबित भुगतान पर भी चर्चा हुई, जो प्रतिबंधों के समय से बकाया हैं।

ऊर्जा से आगे भी सहयोग की संभावना

दोनों देशों ने ऊर्जा के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। इनमें खनन (सोना, हीरा और महत्वपूर्ण खनिज), परिवहन, ऑटोमोबाइल निर्माण, दवा उद्योग और पशुपालन शामिल हैं।

टंडन ने कहा कि दोनों देशों ने वेनेज़ुएला के खनिज भंडार के आकलन में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया।

फार्मा सेक्टर बना प्राथमिकता क्षेत्र

दवा क्षेत्र को वार्ता में विशेष महत्व दिया गया। टंडन के अनुसार, वेनेज़ुएला का प्रतिनिधिमंडल भारत से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य सिस्टम के लिए प्राप्त करने में रुचि रखता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक मंत्री को भारत की जन औषधि योजना की जानकारी लेने का निर्देश दिया।

डेल्सी रोड्रिगेज का छठा भारत दौरा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह डेल्सी रोड्रिगेज का भारत का छठा दौरा है। वह पहले 2015 में विदेश मंत्री के रूप में और 2019, 2023, 2024 और 2025 में उपराष्ट्रपति के रूप में भारत आ चुकी हैं।

अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि अपने दौरे के दौरान वह भारत के विभिन्न शहरों में औद्योगिक और रिफाइनिंग इकाइयों का दौरा करेंगी।