इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान से अपनी सेना हटाने की संभावना को खारिज कर दिया है, जिससे ईरान-अमेरिका के बीच चल रही शांति वार्ताओं के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर तनाव और बढ़ गया है। तेहरान लगातार यह कहता रहा है कि क्षेत्रीय स्थिरता तभी संभव है जब लेबनान में इज़राइल की सैन्य मौजूदगी समाप्त हो।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब भी उसके मिसाइल शस्त्रागार का लगभग 21 से 22 प्रतिशत हिस्सा बचा हुआ है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान शांति वार्ता गतिरोध में फंसी हुई है और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ईरानी सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने दावा किया कि ईरान ने एक ऐतिहासिक जीत हासिल की है। साथ ही उन्होंने अमेरिका से ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को जारी करने का आग्रह करते हुए इसे जारी वार्ताओं में भरोसे की एक महत्वपूर्ण परीक्षा बताया।
ईरान ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य, क्षेत्रीय तनाव और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी वार्ताओं में प्रगति हुई है, लेकिन अमेरिका के साथ किसी तत्काल समझौते की संभावना फिलहाल नहीं है।
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ समझौता तभी संभव है जब वाशिंगटन इस्लामाबाद में शुरू हो रही अहम वार्ता के दौरान इज़राइल के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता दे।