अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा हमले रोकने के बाद ईरान ने फिर से बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया। करीब दो हफ्तों तक बढ़ते संघर्ष के बाद दोनों देशों ने कूटनीति का रास्ता अपनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और सैन्य विकल्प खुले रखे हुए है। यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन ने ईरानी ठिकानों पर लगातार 13वीं रात हमले किए हैं।
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जल्द ही दोहा में वार्ता होने की बात कही थी। तेहरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत की कोई योजना तय नहीं है, हालांकि दोनों देश संघर्ष के बाद हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के कुछ प्रावधानों को लागू करना जारी रखे हुए हैं।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने एक नाजुक शांति ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता शुरू की है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद और इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष से जुड़े तनाव इन बातचीतों की कठिन परीक्षा ले रहे हैं।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता एक नाजुक शांति ढांचे के तहत शुरू हुई, लेकिन नए तनाव भी उभर आए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिजबुल्लाह को लेकर तेहरान को चेतावनी दी, जबकि ईरान ने इन धमकियों को खारिज करते हुए अपने क्षेत्रीय रुख का बचाव किया।
अमेरिका और ईरान के अधिकारी स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की वार्ता करने जा रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्ष नाजुक शांति समझौते को आगे बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख विवादों का समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान को कतर में रखी गई 6 अरब डॉलर की जब्त हुई संपत्तियों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, इस धनराशि का उपयोग केवल मानवीय जरूरतों और उन वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने विश्वास जताया है कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के आगे बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। साथ ही, उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इस समझौते का बचाव भी किया।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका-ईरान समझौते के प्रमुख प्रावधानों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इजरायल खुद को इस समझौते से बाध्य नहीं मानता। इस बीच, नई शुरू हुई 60-दिवसीय वार्ता प्रक्रिया के बावजूद लेबनान में सैन्य अभियान जारी हैं।
यायर लापिड ने उभरते हुए अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना करते हुए दावा किया है कि यह इज़राइल के युद्ध उद्देश्यों को पूरा करने में विफल है और यह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की बड़ी विफलता को दर्शाता है।