CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस ले लिया, क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को NEET पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
CJP ने तत्काल चुनावी राजनीति में प्रवेश से इनकार करते हुए कहा कि वह जमीनी स्तर के अभियानों के जरिए अपने युवा आंदोलन का विस्तार पूरे भारत में करने की योजना बना रही है।
करीब 50,000 प्रदर्शनकारियों ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मध्य दिल्ली में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।