CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस ले लिया, क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को NEET पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे भारत में जुलाई में हुए CJP प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द कर दिया। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को आपराधिक मामले वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
CJP ने तत्काल चुनावी राजनीति में प्रवेश से इनकार करते हुए कहा कि वह जमीनी स्तर के अभियानों के जरिए अपने युवा आंदोलन का विस्तार पूरे भारत में करने की योजना बना रही है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने परीक्षा सुधार विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंस्टाग्राम रील की आलोचना की और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई।
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि बिहार और असम ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए हैं और दावा किया कि अन्य राज्य भी जल्द ऐसा कर सकते हैं। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर कानूनी कार्रवाई जारी रही तो वह फिर से प्रदर्शन करेगी।
दिल्ली पुलिस CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रही है, वहीं पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर FIR वापस नहीं ली गईं तो वह फिर से प्रदर्शन करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित एंटी-पेपर लीक कानून पर युवाओं से मिले फीडबैक के लिए उनका धन्यवाद किया और घोषणा की कि सख्त प्रावधानों वाला विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किया जाएगा।
नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की मांग पर फैसला लेने के लिए और समय मांगा है। इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।