तुर्की-सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर भारत की नजर बनी हुई है, क्योंकि बढ़ता सैन्य सहयोग और बांग्लादेश की संभावित सदस्यता क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को बदल सकती है।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं, जो गहरे सैन्य सहयोग के जरिए पश्चिम एशिया के सुरक्षा परिदृश्य को बदल सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो की आलोचना करते हुए उस पर समर्थन की कमी का आरोप लगाया और कहा कि सहयोगियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान संघर्ष में अमेरिका मजबूत बढ़त बनाए हुए है।