अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के समर्थन वाला एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत सहित रूसी तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नई दिल्ली ने वॉशिंगटन पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
एस. जयशंकर ने फिनलैंड में भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला लागत और उपलब्धता के आधार पर लिया गया था, साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों पर ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
मार्को रुबियो ने कहा कि रूसी तेल पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंध भारत को लक्षित नहीं करते थे और उन्होंने वाशिंगटन तथा नई दिल्ली के बीच ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच वॉशिंगटन अब भारत जैसे देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।