इंग्लैंड ने मैच में गेंद पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा, लेकिन घाना की अनुशासित और संगठित रक्षात्मक रणनीति को तोड़ने में नाकाम रहा। परिणामस्वरूप दोनों टीमों के बीच विश्व कप का मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा और दोनों टीमें चार-चार अंकों के साथ ग्रुप में बराबरी पर बनी हुई हैं।