तुर्की-सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौते पर भारत की नजर बनी हुई है, क्योंकि बढ़ता सैन्य सहयोग और बांग्लादेश की संभावित सदस्यता क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन को बदल सकती है।
प्राकृतिक गैस की कमी के कारण बिजली उत्पादन में गिरावट से बांग्लादेश गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है। इसके चलते व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जल्दी बंद करना पड़ रहा है और ढाका ने भारत से अधिक डीजल आपूर्ति की मांग की है।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा भारत से प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद बांग्लादेश ने राजनयिक विरोध दर्ज कराया, जबकि बाद में शाकिब अल हसन के पैतृक घर को हिंसा का निशाना बनाया गया।