CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस ले लिया, क्योंकि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को NEET पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने पूरे भारत में जुलाई में हुए CJP प्रदर्शनों से जुड़ी FIR को रद्द कर दिया। वहीं, केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों को आपराधिक मामले वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
दिल्ली पुलिस CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार कर रही है, वहीं पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर FIR वापस नहीं ली गईं तो वह फिर से प्रदर्शन करेगी।
नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की मांग पर फैसला लेने के लिए और समय मांगा है। इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
दिल्ली में CJP प्रदर्शन के एक और दिन में प्रवेश करने के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने का सिलसिला जारी रहा। इस बीच पेपर लीक मामले को लेकर नई राजनीतिक मांगें और सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के दावे सामने आए हैं।
दिल्ली के संसद मार्ग के पास CJP प्रदर्शन के दौरान झड़पें हुईं, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया, इंटरनेट सेवाएं निलंबित कीं और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की।
करीब 50,000 प्रदर्शनकारियों ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मध्य दिल्ली में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।