ईरान के IRGC ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए मिसाइल हमलों की जिम्मेदारी ली, जबकि कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट कर लिया।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।
ईरान ने कहा कि परमाणु वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा को लेकर अमेरिका के साथ जारी तनाव के बीच आईआरजीसी की सुरक्षा में 28 वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर लंबे समय से जारी नाकाबंदी के बावजूद भारत ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अपने प्रमुख जहाजों की आवाजाही जारी रखी है। इससे क्षेत्रीय तनाव के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा बनी रही और तेल, गैस सहित आवश्यक आपूर्तियों का प्रवाह प्रभावित नहीं हुआ।
इज़राइल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियान को और तेज कर दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इज़राइली सैनिक लेबनान के भीतर और गहराई तक पहुंच चुके हैं। वहीं, युद्धविराम की कोशिशें ठप पड़ने के बीच अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय शक्तियां बढ़ते तनाव के बीच लगातार कूटनीतिक वार्ताएं कर रही हैं।
अमेरिका और ईरान प्रस्तावित युद्धविराम विस्तार और शांति समझौते को लेकर अब भी मतभेदों में उलझे हुए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत में प्रगति का दावा किया है, जबकि तेहरान ने कहा है कि अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है।
ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ईरान के तेल व्यापार से जुड़ी किसी भी संस्था या कंपनी को अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब वॉशिंगटन और तेहरान युद्धविराम को बढ़ाने तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी रखे हुए हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रस्तावित युद्धविराम तथा परमाणु समझौते को मंजूरी देने पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।
कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि खाड़ी अरब देश औपचारिक रूप से इज़राइल को मान्यता नहीं देते और अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल नहीं होते, तो वह ईरान शांति समझौते को छोड़ सकते हैं।