एस. जयशंकर और सैयद अब्बास अराघची के बीच बातचीत के बाद भारत ने अपने तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित कर लिया है, जबकि ईरान अब भी पश्चिमी देशों और इज़राइल से जुड़े जहाज़ों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाए हुए है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह लगातार सैन्य हमलों को तेज कर सकता है और अमेरिका, इज़राइल तथा उनके सहयोगियों की ओर जाने वाली तेल आपूर्ति को रोक सकता है। उसने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता वैश्विक तेल की कीमतों को 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा सकती है।
अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईरान ने कथित तौर पर दुनिया के प्रमुख तेल मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नौसैनिक माइंस (बारूदी सुरंगें) बिछाना शुरू कर दिया है। CNN ने अमेरिकी खुफिया आकलनों से परिचित स्रोतों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने एक कोडित ईरानी प्रसारण को इंटरसेप्ट किया है, जो विदेशों में स्लीपर एजेंटों को सक्रिय करने का संकेत हो सकता है। इसके बाद पूरे अमेरिका में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ईरान पर अमेरिकी बमबारी और तेज हो सकती है। वहीं तेहरान ने कहा है कि लगातार हो रहे अमेरिका-इज़राइल के हवाई हमलों और बढ़ती मौतों के बावजूद ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तेहरान की क्षेत्रीय देशों से माफी को हार का संकेत बताने के बाद ईरान ने चेतावनी दी कि वह पड़ोसी देशों पर तब तक हमला नहीं करेगा, जब तक वे अमेरिकी हमलों का समर्थन नहीं करते।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान द्वारा पड़ोसी देशों से माफी मांगने के बाद ईरान “हार गया” है, लेकिन उसने अमेरिका की बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग को खारिज कर दिया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने ईरान के हालिया मिसाइल हमलों से प्रभावित पड़ोसी देशों से माफी मांगी और कहा कि तेहरान क्षेत्रीय देशों पर हमला करने से बचेगा, जब तक कि उन देशों की भूमि से ईरान पर हमले शुरू न किए जाएँ।
तकनीकी समस्या की सूचना मिलने के बाद भारत ने ईरान के नौसैनिक पोत IRIS लवण को कोच्चि में तत्काल मरम्मत के लिए डॉक करने की अनुमति दी और उसके 183 चालक दल के सदस्यों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी की।