ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी अपने घर पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रिपोर्टों के अनुसार लगातार हमलों के बावजूद ईरान की शासन व्यवस्था अभी भी स्थिर बनी हुई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष केवल संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं, जबकि संघर्ष समाप्त करने के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्र को संबोधित करेंगे, क्योंकि अमेरिका-ईरान संघर्ष तेज होता जा रहा है और सैन्य कार्रवाई तथा कूटनीतिक अनिश्चितता जारी है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में आने वाले दिन निर्णायक होंगे, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि युद्ध उनके ही शर्तों पर समाप्त होगा और सहयोगी देशों से अपनी सुरक्षा खुद संभालने को कहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य संकट से प्रभावित देशों से “अपना तेल खुद हासिल करने” की अपील की और ईरान संघर्ष में समर्थन की कमी पर नाराज़गी जताई।
संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस्फहान में एक प्रमुख ठिकाने पर बंकर-बस्टर बमों से बड़ा हवाई हमला किया, जिससे ईरान के साथ तनाव और बढ़ गया और व्यापक संघर्ष को लेकर वैश्विक चिंताएँ तेज़ हो गई हैं।
ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता की मेजबानी करने के पाकिस्तान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह भविष्य की किसी भी बातचीत पर पूरा नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहता है।
ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बीच पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेज़बानी करने की पेशकश की है, जबकि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष लगातार और तेज होता जा रहा है।
ईरान ने कहा है कि खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी मरीन को पकड़ लिया गया है। हालांकि वॉशिंगटन की ओर से अभी तक इस दावे की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस खबर से दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “ईरान का तेल ले सकता है” और खार्ग आइलैंड को निशाना बना सकता है। उनके इस बयान को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी रणनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।