अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकल्प लिया है कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमले जारी रखेगा, जब तक तेहरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुवैत, होर्मुज जलडमरूमध्य और गाजा में नए हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा दिया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हालिया सैन्य अभियानों का बचाव करते हुए कहा कि जब तक वह प्रधानमंत्री पद पर हैं, तब तक ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों ने देश की सुरक्षा को मजबूत किया है और क्षेत्रीय खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया है।
स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता एक नाजुक शांति ढांचे के तहत शुरू हुई, लेकिन नए तनाव भी उभर आए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिजबुल्लाह को लेकर तेहरान को चेतावनी दी, जबकि ईरान ने इन धमकियों को खारिज करते हुए अपने क्षेत्रीय रुख का बचाव किया।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान से लेबनान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बंद करने का आग्रह किया है। उन्होंने साथ ही हिजबुल्लाह से अपील की कि इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच वह टकराव के बजाय बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ मतभेद की खबरों को कमतर बताते हुए कहा कि हाल ही में हुई तनावपूर्ण फोन बातचीत के बावजूद दोनों नेता महत्वपूर्ण मुद्दों पर एकमत हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खोला जाएगा। साथ ही उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नरम रुख के संकेत भी दिए, जबकि पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।