ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी अपने घर पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रिपोर्टों के अनुसार लगातार हमलों के बावजूद ईरान की शासन व्यवस्था अभी भी स्थिर बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका “ईरान का तेल ले सकता है” और खार्ग आइलैंड को निशाना बना सकता है। उनके इस बयान को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिकी रणनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नाटो सहयोगी ईरान के मुद्दे पर अमेरिका के रुख का समर्थन करते हैं, लेकिन वे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं और कूटनीति पर जोर दे रहे हैं।
भारत ने कहा है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में युद्धपोत भेजने की किसी भी योजना पर अमेरिका के साथ कोई चर्चा नहीं की है, जबकि बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर विचार कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान के खार्ग द्वीप पर बड़े पैमाने पर बमबारी की, जिसमें सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया, जबकि द्वीप के महत्वपूर्ण तेल निर्यात ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया।