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ट्रंप ने बातचीत से इनकार के बावजूद ईरान से ‘बड़े तोहफे’ का दावा किया
ईरान के साथ तनाव के बीच ट्रंप के “रहस्यमय तोहफे” के दावे ने भ्रम बढ़ा दिया है, क्योंकि दोनों पक्ष सक्रिय बातचीत से इनकार कर रहे हैं और संघर्ष जारी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ जारी तनाव को लेकर एक उलझन भरा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि देश से “बहुत बड़ी कीमत वाला एक बड़ा तोहफा” आया है, जबकि दोनों देशों के बीच संघर्ष जारी है।

बातचीत और युद्धविराम पर भ्रम

ट्रंप की यह टिप्पणी उस घोषणा के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर पांच दिन की रोक लगाने की बात कही थी। उन्होंने पहले हुई चर्चाओं को “उत्पादक बातचीत” बताया था। हालांकि, उनके इस बयान से यह भ्रम पैदा हो गया कि बातचीत में कौन शामिल था और किस तरह के समझौते की बात हो रही है।

ईरानी अधिकारियों ने तुरंत इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संपर्क नहीं हुआ है।

ईरान ने बातचीत से इनकार किया, लड़ाई जारी रखने की बात

ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत की संभावना को सख्ती से खारिज कर दिया है। इसके बजाय उसने “पूर्ण जीत” तक लड़ाई जारी रखने की कसम खाई है। इससे ट्रंप के इस दावे पर और संदेह बढ़ गया है कि बातचीत आगे बढ़ रही है।

इसी बीच, पाकिस्तान, मिस्र और खाड़ी के अरब देश चुपचाप कूटनीतिक रास्ते खोलने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, ये प्रयास अभी शुरुआती चरण में हैं। वहीं, इज़राइल ने संकेत दिया है कि वह अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।

‘उन्होंने हमें एक तोहफा दिया,’ ट्रंप का दावा

व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वह पूरी तरह किसी पर भरोसा नहीं करते, लेकिन इस “तोहफे” से यह संकेत मिलता है कि सही लोगों से बातचीत हो रही है।

“उन्होंने हमें एक तोहफा दिया, और वह आज पहुंचा,” ट्रंप ने कहा। “यह बहुत बड़ी कीमत वाला तोहफा था। मैं यह नहीं बताऊंगा कि वह क्या है, लेकिन यह एक बहुत महत्वपूर्ण चीज थी।”

जब उनसे अधिक जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यह “तेल और गैस से जुड़ा” है और जोड़ा, “उन्होंने बहुत अच्छा काम किया। इससे मुझे लगा कि हम सही लोगों से बातचीत कर रहे हैं।”

रोक के बावजूद सैन्य तैयारी जारी

ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की घोषणा के बावजूद, अमेरिका क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाता नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी मरीन मिडिल ईस्ट की ओर भेजे जा रहे हैं, जिससे जमीनी कार्रवाई की आशंकाएं बढ़ गई हैं।

पेंटागन 82वीं एयरबोर्न डिवीजन की एक ब्रिगेड कॉम्बैट टीम तैनात करने की तैयारी भी कर रहा है। इसके अलावा, आने वाले दिनों में करीब 1,000 सैनिकों को क्षेत्र में भेजे जाने की संभावना है।

युद्धविराम योजना का प्रस्ताव

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव दिया है। यह योजना कथित तौर पर पाकिस्तान के माध्यम से साझा की गई, जिसने वाशिंगटन और तेहरान के बीच नई बातचीत की मेजबानी की पेशकश भी की है।

ईरान-इज़राइल संघर्ष जारी

इस बीच, ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान ने मंगलवार को इज़राइल पर मिसाइलों की नई खेप दागी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक कंटेनर जहाज को भी वापस लौटा दिया।

इसके जवाब में, इज़राइल ने ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे। रक्षा मंत्री इज़राइल कैट्ज़ ने कहा कि यह अभियान “पूरी तीव्रता के साथ” जारी रहेगा।