ईरान के बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। वैश्विक चिंता बढ़ती जा रही है और रूस ने कर्मियों की सुरक्षित निकासी की योजना बनाई है।
भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों से सट्टेबाज़ी पर अंकुश लगने के बाद भारतीय रुपये ने 12 वर्षों में अपनी सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की, हालांकि वैश्विक जोखिम अभी भी बढ़ रहे हैं।
ईरान के पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी अपने घर पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं रिपोर्टों के अनुसार लगातार हमलों के बावजूद ईरान की शासन व्यवस्था अभी भी स्थिर बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर आक्रामक बयान देने के बाद वैश्विक बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और शेयर बाजारों में गिरावट आई।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अभियान जारी रखने और उसे कुचलने की कसम खाई है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। इसी बीच तेहरान ने भविष्य में दोबारा हमले रोकने के लिए ठोस गारंटी की मांग की है।
अमेरिका-इज़राइल हमलों में आईआरजीसी के एक वरिष्ठ प्रवक्ता की मौत हो गई है, जो बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान के नेतृत्व के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है।
भारत ने हॉर्मुज़ जलसंधि में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने का आग्रह किया, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने शांति स्थापित करने के लिए UAE और अन्य अरब नेताओं के साथ बातचीत की।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सहयोगी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने में मदद नहीं करते हैं, तो नाटो को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न व्यवधानों के बीच वैश्विक तेल कीमतों में तेज़ी के चलते यह चेतावनी दी गई है।
भारत ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से जहाजों की आवाजाही के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक या सामान्य समझौता नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच हर जहाज को कूटनीतिक समन्वय के जरिए मामले-दर-मामला आधार पर इस मार्ग से गुजराया जा रहा है।