यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को खुफिया अधिकारी येवगेनी ख्मारा को देश का कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया। यह नियुक्ति रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को पद से हटाने के एक दिन बाद हुई। फेदोरोव की अचानक बर्खास्तगी के बाद कीव में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और यूक्रेन के युद्धकालीन नेतृत्व को लेकर बहस फिर तेज हो गई।
फेसबुक पर इस फैसले की घोषणा करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि ख्मारा ने "तकनीकी युद्ध अभियानों में व्यापक और कई मायनों में अभूतपूर्व अनुभव" हासिल किया है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति दर्शाती है कि नवाचार और उन्नत सैन्य तकनीक यूक्रेन की रक्षा रणनीति के केंद्र में बनी रहेगी।
फेदोरोव को हटाए जाने पर सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन
फेदोरोव को हटाए जाने के विरोध में कीव और यूक्रेन के कई अन्य शहरों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या युवा यूक्रेनियों की थी, जिन्होंने फेदोरोव को ड्रोन और रक्षा तकनीक के तेज विकास के माध्यम से देश की सेना को आधुनिक बनाने का श्रेय दिया।
उनका कहना था कि फेदोरोव ने रूस के साथ युद्ध के दौरान यूक्रेन की युद्ध क्षमता मजबूत करने और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रक्षा मंत्रालय में फेरबदल से नेतृत्व के भीतर तनाव उजागर
नेतृत्व में यह बदलाव रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के चार वर्ष से अधिक समय बाद ज़ेलेंस्की के राष्ट्रपति कार्यकाल के सबसे संवेदनशील राजनीतिक फैसलों में से एक बन गया है। हालांकि मार्शल लॉ के कारण यूक्रेन में चुनाव स्थगित हैं, लेकिन ज़ेलेंस्की मंत्रिमंडल में लगातार बदलाव करते रहे हैं।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़ेलेंस्की ने स्वीकार किया कि पद छोड़ रहे रक्षा मंत्री फेदोरोव और यूक्रेन के सेना प्रमुख जनरल ओलेक्सांद्र सिर्स्की के बीच तनाव पैदा हो गया था। उन्होंने कहा, "मैं सिर्फ यह दिखा रहा हूँ कि अगर दोनों पक्ष किसी मुद्दे का समाधान नहीं कर सकते, तो मुझे उसे सुलझाना होगा।"
ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यह मतभेद किसी व्यक्तिगत विवाद का नहीं, बल्कि रक्षा मंत्रालय और सैन्य नेतृत्व के बीच व्यापक संस्थागत समस्याओं का परिणाम था।
फेदोरोव का आरोप—सुधारों में डाली गई रुकावट
फेदोरोव ने खुलकर आरोप लगाया कि जनरल सिर्स्की ने आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं के अनुरूप सेना को ढालने वाले कई अहम सैन्य सुधारों को रोक दिया। उनका कहना था कि आज का युद्ध मुख्य रूप से ड्रोन, अत्याधुनिक तकनीक और तेज़ नवाचार पर निर्भर करता है।
फेदोरोव ने कहा, "इस व्यवस्था में मुझे व्यक्तिगत रूप से समझ नहीं आता कि यह युद्ध कैसे जीता जा सकता है।" उन्होंने दावा किया कि उनकी कई सुधार योजनाओं को या तो टाल दिया गया या रोक दिया गया।
ड्रोन आधुनिकीकरण में निभाई अहम भूमिका
जनवरी में रक्षा मंत्री बनने से पहले फेदोरोव यूक्रेन के डिजिटल परिवर्तन मंत्री थे। उन्हें देश के ड्रोन कार्यक्रम का विस्तार करने और डिजिटल सरकारी सेवाएँ शुरू करने के लिए व्यापक पहचान मिली थी।
रक्षा मंत्री के रूप में छह महीने के कार्यकाल के दौरान उन्होंने लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों, फाइबर-ऑप्टिक ड्रोन, टोही प्रणालियों और मिसाइल कार्यक्रमों के लिए अधिक धन आवंटित किया। उन्होंने खरीद प्रणाली में सुधार भी लागू किए ताकि पारदर्शिता बढ़े, भ्रष्टाचार कम हो और रक्षा प्रशासन को नाटो मानकों के करीब लाया जा सके।
फेदोरोव ने दावा किया कि इन प्रयासों से यूक्रेन की सैन्य क्षमता मजबूत हुई। उनके अनुसार, देश ने रूसी सेना की स्टारलिंक उपग्रह संचार प्रणाली तक पहुंच सीमित की और घरेलू हथियार उत्पादन बढ़ाया। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वे रक्षा मंत्रालय की खरीद प्रणाली में पूर्ण सुधार और अधिक जवाबदेही लागू नहीं कर सके।
सिर्स्की ने दिया विदाई संदेश
जनरल सिर्स्की ने फेदोरोव की आलोचनाओं का सीधे जवाब नहीं दिया। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में फेदोरोव की सेवाओं के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि वे भविष्य में भी यूक्रेन के युद्ध प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे।
रक्षा मंत्रालय से आगे भी हुआ सरकारी फेरबदल
सरकारी फेरबदल केवल रक्षा मंत्रालय तक सीमित नहीं रहा। यूक्रेन की संसद ने सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्तोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
ज़ेलेंस्की ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में कोरेत्स्की का अनुभव यूक्रेन को आगामी सर्दियों की तैयारी में मदद करेगा, जब रूस के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे पर नए हमले करने की आशंका है।
रूसी मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत
नेतृत्व परिवर्तन के बीच रूस ने अपने सैन्य अभियान जारी रखे। रातभर हुए मिसाइल हमलों में कीव में दो लोगों की मौत हो गई और एक बच्चे सहित पाँच अन्य घायल हो गए। यह जानकारी यूक्रेन की आपातकालीन एजेंसियों ने दी। इन हमलों ने देश के सामने मौजूद लगातार सुरक्षा चुनौतियों को एक बार फिर उजागर किया।
सैन्य अधिकारियों ने भी जताया विरोध
फेदोरोव की बर्खास्तगी से यूक्रेन की सेना के भीतर भी असंतोष देखने को मिला। वायुसेना के उप कमांडर कर्नल पावलो येलिज़ारोव ने विरोधस्वरूप इस्तीफा दे दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि फेदोरोव को हटाने से यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता कमजोर हो सकती है।
कई प्रदर्शनकारियों ने भी यही चिंता व्यक्त की। उन्होंने जनरल सिर्स्की की आलोचना की और तकनीक तथा नवाचार के जरिए सेना का आधुनिकीकरण करने के लिए फेदोरोव की सराहना की।
ज़ेलेंस्की के सामने नई राजनीतिक चुनौती
यह विवाद ज़ेलेंस्की के राष्ट्रपति कार्यकाल की सबसे बड़ी घरेलू राजनीतिक चुनौतियों में से एक बन गया है। पिछले वर्ष उन्होंने यूक्रेन की भ्रष्टाचार-रोधी निगरानी संस्थाओं की स्वतंत्रता कम करने का प्रयास किया था, जिसके खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। बाद में सार्वजनिक दबाव के चलते उन्हें अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
अब ताज़ा सरकारी फेरबदल ने एक बार फिर उनके नेतृत्व को जनता की कड़ी निगरानी में ला दिया है। आने वाले हफ्तों में सांसद स्थायी रक्षा मंत्री की नियुक्ति पर फैसला करेंगे। इससे यह स्पष्ट होगा कि नेतृत्व में यह बदलाव सैन्य समन्वय को बेहतर बनाता है या फिर यूक्रेन की युद्धकालीन सरकार के भीतर मतभेदों को और गहरा करता है।
