अमेरिका-इज़राइल युद्ध के दौरान ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हुए हमले ने संघर्ष को खतरनाक रूप से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर जोखिम बढ़ गया है और क्षेत्रीय तनाव और तीव्र हो गया है।
ईरान युद्ध के बीच क़ेश्म द्वीप एक रणनीतिक केंद्र बन गया है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य तक पहुंच को नियंत्रित करता है और वैश्विक तेल व्यापार को प्रभावित करता है।
बढ़ते संघर्ष के बीच इज़राइल ने दावा किया है कि उसने तेहरान में ईरान के खुफिया प्रमुख इस्माइल खातिब को मार गिराया, साथ ही आगे और हमलों के संकेत भी दिए हैं।
नाटो सहयोगी ईरान के मुद्दे पर अमेरिका के रुख का समर्थन करते हैं, लेकिन वे सैन्य कार्रवाई में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं और कूटनीति पर जोर दे रहे हैं।
तेहरान में कुद्स डे रैली के दौरान ईरानी नेता शामिल हुए, जहां भीड़ ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ सेल्फी ली। इसी दौरान पास में हुए अमेरिका-इज़राइल के हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई।
ईरान के विदेश मंत्री ने रूसी तेल को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच वॉशिंगटन अब भारत जैसे देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने का आग्रह कर रहा है।