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वैभव सूर्यवंशी ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, बने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बाद भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।

किशोर बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने केवल 15 वर्ष की उम्र में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़कर यह उपलब्धि हासिल की।

वैभव ने मैनचेस्टर में दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले अपना अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। साथी क्रिकेटर तिलक वर्मा ने मैच से पहले उन्हें भारतीय टीम की कैप सौंपी, जो इस युवा खिलाड़ी के करियर का एक यादगार पल बन गया।

सचिन तेंदुलकर का लंबे समय से कायम रिकॉर्ड तोड़ा

अपने पदार्पण के साथ ही वैभव किसी भी प्रारूप में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उन्होंने इससे पहले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन ने भी किशोरावस्था में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और कई दशकों तक वह भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने रहे।

यह उपलब्धि वैभव के तेजी से आगे बढ़ते क्रिकेट करियर में एक और बड़ा पड़ाव है।

शांत स्वभाव ने टीम को प्रभावित किया

कम उम्र के बावजूद वैभव ने अपनी परिपक्वता और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया है। टीम के सदस्यों और कोचों के अनुसार, इस युवा बल्लेबाज ने प्रशिक्षण सत्रों के दौरान शानदार आत्मविश्वास दिखाया। उनकी शांत प्रवृत्ति और नेट्स में सकारात्मक रवैये ने पदार्पण से पहले कोचिंग स्टाफ और साथियों को प्रभावित किया।

उनके प्रदर्शन और खेल के प्रति संतुलित रवैये ने टीम प्रबंधन को विश्वास दिलाया कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए तैयार हैं।

सैमसन के उपलब्ध नहीं होने पर मिला मौका

संजू सैमसन के चयन के लिए उपलब्ध नहीं होने के बाद वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। टीम प्रबंधन ने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी पर भरोसा जताया और उन्हें क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों में से एक पर पदार्पण करने का अवसर दिया।

उनका चयन यह दर्शाता है कि भारत युवा प्रतिभाओं को निखारने और अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर अवसर देने में विश्वास रखता है।

केवल 15 वर्ष की उम्र में पदार्पण करके वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की है, जिससे भविष्य में बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।