फ्लाइट ट्रैकिंग रिकॉर्ड्स से पता चला है कि 12 जून को खराब मौसम के कारण लाहौर के आसपास उड़ान संचालन प्रभावित होने पर कम से कम तीन पाकिस्तानी वाणिज्यिक विमान कुछ समय के लिए भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे। यह घटनाएं उस घटना से एक सप्ताह से अधिक पहले हुई थीं, जब एक एयर इंडिया विमान अमृतसर में असफल लैंडिंग प्रयास के दौरान अस्थायी रूप से पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में चला गया था।
ये घटनाएं दर्शाती हैं कि जब खराब मौसम उड़ान सुरक्षा के लिए खतरा बन जाता है, तब विमानन प्राधिकरण कभी-कभी विमानों को सामान्य मार्ग से हटकर उड़ान भरने की अनुमति देते हैं।
तूफान के कारण तीन पाकिस्तानी उड़ानों का मार्ग बदला गया
Flightradar24 के आंकड़ों के अनुसार, प्रभावित विमानों में फ्लाई जिन्नाह की दो उड़ानें और एयर सियाल की एक उड़ान शामिल थीं। फ्लाई जिन्नाह की उड़ानें लाहौर से दुबई और लाहौर से जेद्दा जा रही थीं, जबकि एयर सियाल का विमान सऊदी अरब के दमाम से लाहौर जा रहा था।
इन तीनों उड़ानों को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आए शक्तिशाली तूफान और तेज हवाओं का सामना करना पड़ा।
पायलटों ने खराब मौसम से बचने के लिए बदला मार्ग
इन विमानों ने अपने निर्धारित मार्ग के तहत भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किया था। पायलटों ने लाहौर के आसपास विकसित हो रहे गंभीर तूफान और अशांत मौसम से बचने के लिए उड़ान मार्ग में बदलाव किया।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, खराब मौसम से बचने के दौरान विमान अस्थायी रूप से भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए और बाद में सुरक्षित रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर लौट आए।
कुछ दिनों बाद एयर इंडिया का विमान भी पहुंचा पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में
इन खुलासों के कुछ ही दिनों बाद एयर इंडिया से जुड़ी एक अलग घटना सामने आई। 22 जून को एयर इंडिया की उड़ान AI479 दिल्ली से अमृतसर जा रही थी, लेकिन लैंडिंग के दौरान उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सुरक्षित लैंडिंग संभव न होने पर पायलटों ने मानक "गो-अराउंड" प्रक्रिया अपनाई। इस दौरान विमान वाघा सीमा के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर कुछ समय के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में चला गया।
लगभग एक मिनट तक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में रहा विमान
फ्लाइट ट्रैकिंग रिकॉर्ड्स के अनुसार, विमान ने अमृतसर के ऊपर चक्कर लगाया और रात लगभग 9:38 बजे (IST) पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश किया। एयर इंडिया के अनुसार, विमान लगभग एक मिनट तक पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में रहा और फिर भारतीय हवाई क्षेत्र में वापस लौट आया।
लैंडिंग प्रयास छोड़ने के बाद विमान ने अमृतसर में दोबारा उतरने की कोशिश नहीं की और वापस दिल्ली लौट गया। एयरलाइन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बीच हुईं ये घटनाएं
इन घटनाओं ने इसलिए भी ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि भारत और पाकिस्तान वर्तमान में एक-दूसरे की एयरलाइनों पर हवाई क्षेत्र संबंधी प्रतिबंध लागू किए हुए हैं। ये प्रतिबंध पिछले वर्ष पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़े सैन्य तनाव के चलते लगाए गए थे। इसके कारण दोनों देशों की वाणिज्यिक उड़ानें आमतौर पर एक-दूसरे के हवाई क्षेत्र से बचती हैं।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं अंतरराष्ट्रीय विमानन नियम
हालांकि इन प्रतिबंधों के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय विमानन नियम राजनीतिक परिस्थितियों से ऊपर उड़ान सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। वैश्विक विमानन प्रक्रियाओं के तहत, यदि किसी विमान को आपात स्थिति, खराब मौसम या अन्य सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो पड़ोसी देशों के एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारियों को सहयोग करना होता है।
इसका मतलब है कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होने पर पायलटों को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। हालिया घटनाएं, जिनमें पाकिस्तानी एयरलाइंस और एयर इंडिया दोनों शामिल हैं, यह दिखाती हैं कि राजनीतिक तनाव और हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बावजूद विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल प्रभावी रूप से काम करते रहते हैं।
