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फीफा विश्व कप 2026: कोलंबिया ने कांगो को 1-0 से हराकर अंतिम 32 में बनाई जगह
डेनियल मुनोज़ के मैच के अंतिम चरण में किए गए विजयी गोल की बदौलत कोलंबिया ने डीआर कांगो को 1-0 से हराया और ग्रुप K में लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण (अंतिम 32) में अपनी जगह पक्की कर ली।

ग्वाडलाहारा में खेले गए मुकाबले में कोलंबिया ने डीआर कांगो को 1-0 से हराकर फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। डेनियल मुनोज़ के देर से किए गए गोल ने कोलंबिया को लगातार दूसरी जीत दिलाई और टीम को अंतिम 32 में पहुंचा दिया।

उत्साही समर्थकों के समर्थन से खेल रही कोलंबिया ने मैच के अधिकांश समय दबदबा बनाए रखा और कई गोल करने के मौके बनाए, लेकिन निर्णायक सफलता उसे मैच के अंतिम चरण में मिली।

इस जीत के साथ कोलंबिया ग्रुप K में शीर्ष पर पहुंच गया, जबकि डीआर कांगो के लिए अब अंतिम ग्रुप मैच जीतना अनिवार्य हो गया है, यदि उसे विश्व कप अभियान जारी रखना है।

मुनोज़ ने दिलाई निर्णायक जीत

पूरे मुकाबले में खतरा पैदा करने के बाद डेनियल मुनोज़ ने 76वें मिनट में आखिरकार मैच का निर्णायक गोल दागा। जुआन फर्नांडो क्विंटेरो के शानदार पास ने मुनोज़ को पेनल्टी बॉक्स के अंदर मौका दिया। मुनोज़ ने बाएं पैर से शॉट लगाया, जो एक डिफेंडर से हल्का डिफ्लेक्ट होकर गोलकीपर लियोनेल म्पासी को चकमा देता हुआ नजदीकी पोस्ट से जाल में जा समाया।

इस गोल के साथ कोलंबियाई समर्थकों में जश्न की लहर दौड़ गई और टीम ने नॉकआउट चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।

कोलंबिया ने शुरुआती मौकों को किया बर्बाद

कोलंबिया मैच के शुरुआती चरण में ही बढ़त बना सकता था। चौथे ही मिनट में म्पासी के एक बचाव के बाद रिबाउंड गेंद मुनोज़ के पास पहुंची, लेकिन उन्होंने नजदीक से शॉट साइड नेटिंग में मार दिया।

कुछ ही देर बाद मुनोज़ ने अपने ही हेडर के रिबाउंड पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया और जश्न मनाने लगे, लेकिन ऑफसाइड पाए जाने के कारण गोल रद्द कर दिया गया।

शुरुआती मिनटों में कोलंबिया ने लगातार आक्रमण किए और डीआर कांगो की रक्षा पंक्ति की कड़ी परीक्षा ली। हालांकि, गोलकीपर म्पासी ने कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा।

लुइस डियाज़ ने गंवाया सुनहरा मौका

हाफटाइम के बाद भी कोलंबिया का दबाव जारी रहा। 50वें मिनट में स्टार विंगर लुइस डियाज़ के पास मैच का सबसे बड़ा मौका आया। उनके सामने केवल गोलकीपर म्पासी थे, लेकिन वह गेंद को गोल में पहुंचाने में नाकाम रहे।

इसके बाद रिबाउंड जॉन अरियास के पास पहुंचा, लेकिन उनका शॉट भी गोलपोस्ट से बाहर चला गया।

लगातार चूके गए मौकों को देखते हुए ऐसा लगने लगा था कि खेल पर पूरा नियंत्रण रखने के बावजूद कोलंबिया को एक निराशाजनक शाम का सामना करना पड़ सकता है।

क्विंटेरो और मुनोज़ ने आखिरकार दिलाई बढ़त

कोलंबिया को आखिरकार सफलता जुआन फर्नांडो क्विंटेरो की शानदार रचनात्मकता की बदौलत मिली। अनुभवी प्लेमेकर ने मुनोज़ की दौड़ को भांपते हुए एक बेहतरीन थ्रू पास दिया। डेनियल मुनोज़ ने सही समय पर रन लगाया और गोल की ओर शॉट दाग दिया।

हालांकि शॉट को डिफेंडर से हल्का डिफ्लेक्शन मिला, लेकिन पूरे मैच में बेहतर मौके बनाने वाली कोलंबियाई टीम इस बढ़त की पूरी तरह हकदार थी।

डीआर कांगो ने अंत में दबाव बनाया, लेकिन नाकाम रहा

गोल खाने के बाद डीआर कांगो ने बराबरी की तलाश में आक्रमण तेज कर दिया। अफ्रीकी टीम ने अधिक खिलाड़ियों को आगे भेजा और वापसी की पूरी कोशिश की।इसके बावजूद कोलंबिया की रक्षा पंक्ति शांत और संगठित रही। टीम ने अंतिम सीटी तक अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और विपक्षी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

यह करीबी जीत पूरे 90 मिनट में कोलंबिया के श्रेष्ठ प्रदर्शन को दर्शाती है।

मुनोज़ का शानदार विश्व कप जारी

हालांकि कोलंबिया के पास लुइस डियाज़ और जेम्स रोड्रिगेज़ जैसे बड़े आक्रामक सितारे मौजूद हैं, लेकिन इस विश्व कप में डेनियल मुनोज़ टीम के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरे हैं।

क्रिस्टल पैलेस के इस विंग-बैक ने लगातार दूसरे मैच में गोल किया है और दाएं फ्लैंक से लगातार आक्रमण का खतरा पैदा किया है। डीआर कांगो के खिलाफ मुकाबले में भी वह एक से अधिक गोल कर सकते थे। उन्होंने बार-बार डिफेंडरों के पीछे जगह बनाई और अपने फॉरवर्ड रन का शानदार समय चुना।

खतरनाक क्षेत्रों में सही समय पर पहुंचने की उनकी क्षमता कोलंबिया का एक बड़ा हथियार बन गई है। इससे विरोधी टीमों को अब केवल डियाज़ और रोड्रिगेज़ ही नहीं, बल्कि मुनोज़ पर भी विशेष ध्यान देना पड़ रहा है।

30 वर्षीय मुनोज़ अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ दौरों में से एक का आनंद ले रहे हैं और इस टूर्नामेंट में अपने पोजीशन के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।

ग्रुप में शीर्ष स्थान पर नजर

दो मैचों में दो जीत के साथ कोलंबिया ने नॉकआउट चरण में अपनी जगह पहले ही सुनिश्चित कर ली है और ग्रुप K में शीर्ष पर मजबूती से काबिज है। अब उसका सामना अंतिम ग्रुप मैच में मियामी में पुर्तगाल से होगा, जहां ग्रुप में पहला स्थान दांव पर हो सकता है।

वहीं, डीआर कांगो को नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार रखने के लिए अटलांटा में उज़्बेकिस्तान को हराना होगा और साथ ही अन्य मैचों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा।

फिलहाल, कोलंबिया एक और प्रभावशाली प्रदर्शन और विश्व कप के अंतिम 32 में पहुंचने का जश्न मना सकता है, जिसमें डेनियल मुनोज़ की निर्णायक भूमिका सबसे अहम रही।