ब्रिस्टल में खेले गए आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के 20वें मुकाबले में श्रीलंका महिला टीम ने आयरलैंड महिला टीम को 27 गेंद शेष रहते 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद आयरलैंड महिला टीम श्रीलंका के अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने 20 ओवर में 5 विकेट पर 130 रन ही बना सकी। गेबी लुईस ने 50 गेंदों में संघर्षपूर्ण 59 रन बनाए और शुरुआती तीन विकेट जल्दी गिरने के बाद लीआ पॉल के साथ चौथे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। श्रीलंका के लिए निलाक्षी डी सिल्वा (2 ओवर में 12 रन देकर 1 विकेट) सबसे किफायती और प्रभावी गेंदबाज रहीं, जबकि मिथाली अयोध्या बांदारा ने भी बेहद किफायती स्पेल डाला।
जवाब में कप्तान चमारी अटापठ्ठू ने टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक खेलते हुए 61 गेंदों में नाबाद 106 रन ठोक दिए और श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में जीत दिलाई। श्रीलंका ने लक्ष्य 15.3 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। यह अटापठ्ठू के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का चौथा शतक था और महिला टी20 विश्व कप में उनका पहला शतक भी। उन्होंने पहली ही गेंद से आक्रामक अंदाज अपनाया और टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में से एक खेली। इस शानदार जीत से श्रीलंका की कमजोर होती सेमीफाइनल उम्मीदों को नया जीवन मिला और टीम का नेट रन रेट भी काफी बेहतर हुआ।
शुरुआती झटकों के बाद आयरलैंड की वापसी
आयरलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को बल्ले से पहला रन बनाने में 14 गेंदों का सामना करना पड़ा और तब तक दो विकेट गिर चुके थे। श्रीलंका के गेंदबाजों और फील्डरों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा, जिससे आयरिश बल्लेबाजों के लिए रन बनाना मुश्किल हो गया।
खराब शुरुआत के बावजूद कप्तान गेबी लुईस ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को संभाला। रेबेका स्टोकल ने कुछ चौके लगाकर थोड़ी तेजी दिखाई, लेकिन इसके बाद लुईस ने रन बनाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने पुल शॉट और ऑफ साइड में शानदार स्ट्रोक्स के जरिए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।
लुईस ने संभाली आयरलैंड की पारी
गेबी लुईस ने कप्तानी पारी खेलते हुए मध्य ओवरों में टीम को संभाले रखा। उन्होंने लीआ पॉल के साथ चौथे विकेट के लिए 66 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। पॉल ने 41 गेंदों में 20 रन का योगदान दिया।
पॉल के आउट होने के बाद लुईस ने अपना अर्धशतक पूरा किया और कठिन मौसम परिस्थितियों के बावजूद पारी को आगे बढ़ाती रहीं। आयरिश कप्तान ने अंततः 50 गेंदों में 59 रन बनाए और टीम के स्कोर की नींव रखी।
पारी के अंत में एलिस टेक्टर ने 21 गेंदों में उपयोगी 28 रन बनाकर रन गति बढ़ाई, जिससे आयरलैंड 20 ओवर में 5 विकेट पर 130 रन तक पहुंच गया। हालांकि यह स्कोर प्रतिस्पर्धी नजर आ रहा था, लेकिन प्रेरित श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापठ्ठू के सामने यह नाकाफी साबित हुआ।
अटापठ्ठू ने खेली तूफानी पारी
श्रीलंका की पारी की शुरुआत शानदार अंदाज में हुई। चमारी अटापठ्ठू ने पहली ही गेंद को कवर के जरिए चौके के लिए भेजा और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने शुरुआत से ही आयरलैंड के गेंदबाजों पर हमला बोला और पावरप्ले के दौरान लगातार आक्रामक शॉट खेलते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
बाएं हाथ की इस बल्लेबाज ने मैदान के हर हिस्से में रन बटोरे, लेकिन खास तौर पर कवर, स्क्वायर लेग और सीधे सामने के क्षेत्र में उन्हें खूब सफलता मिली। उन्होंने पावरप्ले में ही नौ चौके जड़े और तेजी से रन गति बनाए रखी। फील्डिंग प्रतिबंध खत्म होने के बाद भी उनका आक्रामक अंदाज जारी रहा।
ऐतिहासिक शतक ने श्रीलंका की उम्मीदें जिंदा रखीं
अटापठ्ठू ने केवल 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद भी आयरलैंड के गेंदबाजों की जमकर धुनाई जारी रखी। उनकी पारी का एक खास पल नौवें ओवर में आया, जब उन्होंने कारा मरे की गेंद पर स्लॉग स्वीप लगाकर शानदार छक्का जड़ा। यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 100वां छक्का था।
आयरलैंड की टीम उन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम रही। केवल ओर्ला प्रेंडरगास्ट ही सफलता हासिल कर सकीं, जिन्होंने सलामी बल्लेबाज इमेशा दुलानी को आउट किया, लेकिन इस विकेट से श्रीलंका की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा।
अटापठ्ठू ने पूरे रन चेज के दौरान नियंत्रण बनाए रखा और केवल 58 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया। पारी के अंत तक वह 106 रन बनाकर नाबाद रहीं और श्रीलंका के कुल स्कोर का लगभग 79 प्रतिशत रन अकेले बनाए। उनकी शानदार पारी की बदौलत श्रीलंका ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और नेट रन रेट में भी बड़ा सुधार किया।
विकेट के पीछे कौशिनी नुथ्यांगना का शानदार प्रदर्शन
श्रीलंका को विकेटकीपर कौशिनी नुथ्यांगना से भी बेहतरीन योगदान मिला। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए विकेट के पीछे कई बेहतरीन मौके बनाए।
पहले ही ओवर में उन्होंने शानदार रन आउट कर एमी हंटर को पवेलियन भेजा। गेंद को तेजी से पकड़ने के बाद उन्होंने तुरंत घूमकर सीधे स्टंप्स पर निशाना साधा और बल्लेबाज को क्रीज से बाहर पकड़ लिया।
इसके बाद नुथ्यांगना ने ओर्ला प्रेंडरगास्ट को स्टंप आउट कर एक और विकेट दिलाया। उन्होंने लीआ पॉल के स्कूप शॉट का अंदाजा लगाते हुए फुर्ती से शानदार कैच भी लपका। उनकी सतर्क विकेटकीपिंग की बदौलत श्रीलंका ने आयरलैंड की पारी के दौरान लगातार दबाव बनाए रखा।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
आयरलैंड महिला (IRE W): 130/5 (20)
गेबी लुईस 59 (50), एलिस टेक्टर 21* (28), लीआ पॉल 20 (27);
निलाक्षी डी सिल्वा 1/12 (2), मिथाली अयोध्या बांदारा 1/18 (4)
श्रीलंका महिला (SL W): 134/1 (15.3)
चमारी अटापठ्ठू 106* (61), इमेशा दुलानी 20 (27), निलाक्षी डी सिल्वा 4* (5);
ओर्ला प्रेंडरगास्ट 1/22 (4), लारा मैकब्राइड 0/22 (2.3)
प्लेयर ऑफ द मैच: चमारी अटापठ्ठू
श्रीलंका ने टूर्नामेंट में अपने सबसे दमदार प्रदर्शनों में से एक पेश किया और बल्ले तथा गेंद दोनों से शानदार खेल दिखाया। गेबी लुईस के अर्धशतक ने आयरलैंड को उम्मीद जरूर दी, लेकिन चमारी अटापठ्ठू के शानदार शतक ने मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह बदल दी।
अटापठ्ठू की नाबाद 106 रन की पारी ने श्रीलंका को आसान जीत दिलाई और टीम को सेमीफाइनल की दौड़ में बनाए रखा। वहीं, आयरलैंड के लिए यह हार शीर्ष स्तर की टीमों के खिलाफ उनकी कमजोरियों को उजागर करने वाली साबित हुई। दूसरी ओर, श्रीलंका के लिए यह मुकाबला उनकी कप्तान की मैच जिताने वाली क्षमता की याद दिलाने वाला रहा, जिनकी यह पारी विश्व कप अभियान में निर्णायक साबित हो सकती है।
श्रीलंका इस मैच में बड़े अंतर से जीत दर्ज करने के इरादे से उतरा था ताकि नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावनाओं को मजबूत किया जा सके। वेस्टइंडीज के खिलाफ निराशाजनक हार के बाद अटापठ्ठू ने खुले तौर पर खुद की आलोचना की थी और इस बात पर निराशा जताई थी कि वह अब तक श्रीलंका को विश्व कप के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचा सकी हैं।
यह पारी कप्तान की ओर से एक मजबूत जवाब थी, क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को टूर्नामेंट में बनाए रखने के लिए शानदार संघर्ष किया। हालांकि श्रीलंका के लिए सेमीफाइनल का रास्ता अभी भी कठिन है, लेकिन इस बड़ी जीत से टीम का नेट रन रेट -1.00 से बेहतर हो गया है और उसकी क्वालिफिकेशन की उम्मीदें बरकरार हैं। नियमित अपडेट्स के लिए JUSZNEWS के साथ बने रहें!
