अमेरिका और ईरान के अधिकारी स्विट्जरलैंड में तकनीकी स्तर की वार्ता करने जा रहे हैं, जिसमें पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्ष नाजुक शांति समझौते को आगे बढ़ाने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित प्रमुख विवादों का समाधान तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित अमेरिका-ईरान समझौते के तहत ईरान को कतर में रखी गई 6 अरब डॉलर की जब्त हुई संपत्तियों तक चरणबद्ध तरीके से पहुंच मिल सकती है। हालांकि, इस धनराशि का उपयोग केवल मानवीय जरूरतों और उन वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आती हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वांस ने विश्वास जताया है कि स्विट्जरलैंड में जारी वार्ता के आगे बढ़ने के साथ अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कायम रहेगा। साथ ही, उन्होंने रिपब्लिकन नेताओं की आलोचनाओं का जवाब देते हुए इस समझौते का बचाव भी किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ अपने विवाद को और बढ़ाते हुए G7 शिखर सम्मेलन में हुई मुलाकात को लेकर अपने दावों को दोहराया और ईरान के मुद्दे तथा अमेरिकी सैन्य अभियानों को लेकर इटली के रुख की आलोचना की।
अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित युद्धविराम उल्लंघनों का आरोप लगाते हुए ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। साथ ही, तेहरान ने आगे और कदम उठाने की चेतावनी भी दी, हालांकि उसका वार्ता दल स्विट्जरलैंड में बातचीत फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहा है।