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फीफा विश्व कप 2026: स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना पर 4-1 की शानदार जीत के साथ नॉकआउट की उम्मीदों को मजबूत किया
स्विट्जरलैंड ने अंतिम चरण में चार गोल दागे, जिसमें स्थानापन्न खिलाड़ी जोहान मैनजांबी के दो गोल भी शामिल रहे। उनकी शानदार प्रदर्शन की बदौलत स्विस टीम ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर अपने विश्व कप ग्रुप में मजबूत स्थिति हासिल कर ली।

स्विट्जरलैंड ने गुरुवार को फीफा विश्व कप 2026 में सॉफी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में अंतिम मिनटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया और अपने ग्रुप में मजबूत स्थिति हासिल करते हुए नॉकआउट चरण की ओर बड़ा कदम बढ़ाया।

मैच के अधिकांश समय तक बोस्निया-हर्जेगोविना ने अनुशासित रक्षात्मक प्रदर्शन और अपने प्रशंसकों के जबरदस्त समर्थन के दम पर स्विस टीम को परेशान किया। हालांकि, एक रणनीतिक बदलाव ने मुकाबले की दिशा बदल दी और स्विट्जरलैंड ने अंतिम चरण में चार गोल दागकर करीबी मुकाबले को एकतरफा जीत में बदल दिया।

बोस्निया के जोशीले समर्थकों ने स्विट्जरलैंड के लिए मुश्किलें बढ़ाईं

इस मुकाबले को देखने के लिए 70,026 दर्शक स्टेडियम पहुंचे, जिनमें हजारों बोस्निया-हर्जेगोविना के समर्थक शामिल थे, जिन्होंने पूरे मैच के दौरान शानदार माहौल बनाया।

अपने पहले मुकाबले में कतर के खिलाफ 1-1 की बराबरी के बाद स्विट्जरलैंड दबाव में था। स्विस टीम ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और खेल की गति नियंत्रित की, लेकिन उसे बोस्निया की संगठित रक्षा को भेदने में कठिनाई हुई।

बोस्निया-हर्जेगोविना नौ मैचों की अजेय श्रृंखला के साथ टूर्नामेंट में उतरा था। टीम ने ऊंची रैंकिंग वाली स्विस टीम के खिलाफ आत्मविश्वास और दृढ़ता दिखाई तथा स्विट्जरलैंड के आक्रमण को लंबे समय तक रोककर रखा।

मैनजांबी ने बदल दी मैच की तस्वीर

74वें मिनट में आखिरकार स्विट्जरलैंड को सफलता मिली और इसका श्रेय कोच के शानदार बदलाव को गया। विंगर डैन एनडोए की जगह मैदान पर आने के केवल तीन मिनट बाद 20 वर्षीय जोहान मैनजांबी ने शानदार गोल कर मैच का रुख बदल दिया।

फ्राइबर्ग के युवा मिडफील्डर ने अमार मेमिक की हेडर से की गई क्लियरेंस पर तेजी से प्रतिक्रिया दी और हवा में उछलते हुए शानदार वॉली लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। इस गोल ने स्विट्जरलैंड के पक्ष में मैच का पूरा रुख बदल दिया।

लाल कार्ड बोस्निया पर पड़ा भारी

पहला गोल खाने के कुछ ही देर बाद बोस्निया-हर्जेगोविना को बड़ा झटका लगा। डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए सीधे लाल कार्ड दिखाया गया और उनकी टीम 10 खिलाड़ियों तक सिमट गई।

इस फैसले के बाद बोस्निया की रक्षात्मक मजबूती कमजोर पड़ गई। 70 मिनट तक मजबूती से मुकाबला करने वाली टीम स्विट्जरलैंड के लगातार हमलों का सामना करने में संघर्ष करने लगी। अतिरिक्त खिलाड़ी का फायदा उठाते हुए स्विस टीम ने लगातार मौके बनाने शुरू कर दिए।

स्विट्जरलैंड ने गोलों की झड़ी लगा दी

84वें मिनट में रुबेन वर्गास ने शानदार फिनिश के साथ दूसरा गोल कर स्विट्जरलैंड को राहत दिलाई। इसके छह मिनट बाद वर्गास ने ही बेहतरीन पास देकर जोहान मैनजांबी को पेनाल्टी क्षेत्र में गेंद पहुंचाई और युवा खिलाड़ी ने शांत दिमाग से अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। कुछ ही मिनट पहले तक करीबी लग रहा मुकाबला अब पूरी तरह एकतरफा हो चुका था।

बोस्निया को मिला सांत्वना गोल

कठिन परिस्थितियों के बावजूद बोस्निया-हर्जेगोविना ने आखिरी समय तक संघर्ष जारी रखा। 94वें मिनट में एरमिन माहमिच ने गोल कर अपनी टीम को सांत्वना दिलाई और उनके समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दिया।

यह गोल बोस्निया की जुझारू भावना का प्रतीक था और टीम को स्कोरबोर्ड पर खाली हाथ नहीं लौटने दिया।

ग्रेनित झाका ने जीत पर लगाई मुहर

स्विट्जरलैंड के पास अभी एक और गोल बाकी था। इंजरी टाइम के अंतिम क्षणों में कप्तान ग्रेनित झाका पेनाल्टी लेने के लिए आगे आए और उन्होंने बेहद शांत अंदाज में गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

इस गोल के साथ स्विट्जरलैंड ने 4-1 की शानदार जीत दर्ज की और टीम के दमदार अंतिम प्रदर्शन पर शानदार अंदाज में मुहर लगा दी।

बोस्निया की उम्मीदें अभी भी बरकरार

हालांकि अंतिम स्कोर 4-1 रहा, लेकिन मुकाबला परिणाम जितना एकतरफा दिखा, उतना था नहीं। लंबे समय तक बोस्निया-हर्जेगोविना ने स्विट्जरलैंड को कड़ी टक्कर दी, लेकिन मैनजांबी के शानदार गोल और मुहरेमोविच के लाल कार्ड ने मैच की दिशा बदल दी।

अपने दूसरे विश्व कप में खेल रही बोस्निया-हर्जेगोविना के पास अभी भी नॉकआउट चरण में पहुंचने का मौका है। इसके लिए उसे अपने अंतिम ग्रुप मैच में कतर को हराना होगा।

दूसरी ओर, स्विट्जरलैंड के लिए यह जीत निर्णायक साबित हो सकती है। कतर के खिलाफ निराशाजनक शुरुआत के बाद टीम ने जिस तरह अंतिम चरण में विस्फोटक प्रदर्शन किया, उससे साफ है कि स्विस टीम सही समय पर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल कर रही है।