भारत ने गुरुवार को ओमान तट के पास एक भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। सरकार ने इस घटना को “अस्वीकार्य” बताया। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में नागरिक जहाजों और नाविकों पर लगातार हो रहे हमलों पर भी चिंता जताई।
MEA की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि क्षेत्र में वाणिज्यिक समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे भारत के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “कल ओमान तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुआ हमला अस्वीकार्य है और हम इस बात की निंदा करते हैं कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।”
चालक दल सुरक्षित बचाया गया
सरकार ने पुष्टि की कि जहाज पर मौजूद सभी भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं। हमले के तुरंत बाद ओमान के अधिकारियों ने चालक दल को बचाने में मदद की। हालांकि भारत ने अब तक हमले के पीछे जिम्मेदार समूह की पहचान नहीं की है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना अत्यंत संवेदनशील
यह घटना होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास बढ़ते तनाव के बीच हुई। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक माना जाता है, क्योंकि वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है।
पहले भी भारतीय जहाजों पर हुए थे हमले
इससे पहले अप्रैल 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहे दो भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के जहाजों को भी निशाना बनाया गया था। उस समय नई दिल्ली ने इन घटनाओं पर “गहरी चिंता” जताई थी और क्षेत्र में संचालित भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की मांग की थी।
ब्रिटिश एजेंसी ने भी दी समुद्री घटना की जानकारी
इसी बीच यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह के पास एक और संदिग्ध समुद्री घटना की सूचना दी।
एडवाइजरी के अनुसार, “अनधिकृत लोग” फुजैराह से लगभग 38 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में लंगर डाले एक जहाज पर चढ़ गए थे। बाद में जहाज के ईरानी समुद्री क्षेत्र की ओर बढ़ने की खबर मिली।
अधिकारियों द्वारा अभी इस घटना की जांच की जा रही है।
भारत क्षेत्रीय हालात पर रख रहा नजर
कुल मिलाकर, इस ताजा हमले ने पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। भारत तेल आयात और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए इन समुद्री मार्गों पर काफी निर्भर है, इसलिए सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।
वहीं क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं बढ़ा दी हैं।
