इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इज़राइल का सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा,
“यह अभियान खत्म नहीं हुआ है। हम आतंकवादी शासन को कुचलना जारी रखेंगे।”
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि मौजूदा संघर्ष कुछ हफ्तों में समाप्त हो सकता है।
अलग-अलग समयसीमा: ट्रंप बनाम नेतन्याहू
ट्रंप ने युद्ध खत्म होने के लिए स्पष्ट समयसीमा बताते हुए कहा कि यह दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। ओवल ऑफिस से बोलते हुए उन्होंने कहा,
“हम बहुत जल्द निकल जाएंगे… शायद दो हफ्तों में, शायद तीन में। लेकिन हम काम पूरा कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा, “हम चाहते हैं कि उनके पास जो भी है, उसे पूरी तरह खत्म कर दें… हालांकि यह भी संभव है कि उससे पहले कोई समझौता हो जाए।”
हालांकि नेतन्याहू ने इससे बिल्कुल अलग संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान के खिलाफ इज़राइल का अभियान जारी रहेगा और दावा किया कि इज़राइल ने “मध्य पूर्व का चेहरा बदल दिया है।”
इज़राइली प्रधानमंत्री ने लेबनान में भी सैन्य कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए। रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा कि इज़राइल दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों पर कब्जा करेगा और “सीमा से लगे लेबनानी गांवों के सभी घरों को ध्वस्त कर दिया जाएगा।”
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव
पिछले महीने अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर अचानक हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद यह संघर्ष खाड़ी क्षेत्र के कई देशों—जैसे बहरीन, सऊदी अरब और यूएई—की स्थिरता को भी प्रभावित करने लगा है।
ईरान ने संघर्ष समाप्त करने की इच्छा जताई
नेतन्याहू के सख्त रुख के बावजूद ईरान ने संकेत दिया है कि वह संघर्ष समाप्त करने के लिए बातचीत को तैयार है, बशर्ते भविष्य में हमले न होने की गारंटी दी जाए।
पेजेशकियन ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से बातचीत में कहा, “हम इस संघर्ष को समाप्त करने की इच्छा रखते हैं, बशर्ते जरूरी शर्तें पूरी हों—खासकर ऐसी गारंटी जो भविष्य में दोबारा आक्रमण को रोक सके।”
ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका की 15-सूत्रीय योजना के जवाब में पांच-सूत्रीय प्रतिप्रस्ताव भी दिया है, जिसमें यह आश्वासन मांगा गया है कि अमेरिका और इज़राइल दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे।
अनिश्चित भविष्य
ट्रंप, नेतन्याहू और ईरान के बयानों से यह स्पष्ट होता है कि इस संघर्ष का भविष्य अभी अनिश्चित है। जहां अमेरिका निकट भविष्य में समाधान के संकेत दे रहा है, वहीं इज़राइल सैन्य अभियान जारी रखने की बात कर रहा है और ईरान आगे किसी भी टकराव को रोकने के लिए ठोस गारंटी चाहता है।
फिलहाल स्थिति बेहद तनावपूर्ण और अनिश्चित बनी हुई है, क्योंकि सभी पक्षों की समयसीमा और शांति की शर्तें अलग-अलग हैं।
