संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने सैन्य अभियानों पर अस्थायी रोक लगाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। ताजा मिसाइल हमलों और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बावजूद इस कदम से कूटनीतिक समाधान की नई उम्मीद जगी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना के एक गुप्त अभियान की मदद से 200 से अधिक वाणिज्यिक जहाज और 10 करोड़ (100 मिलियन) बैरल से अधिक तेल बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच सुरक्षित रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर सके।
अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरान के चार ड्रोन को इंटरसेप्ट किया और बाद में क़ेश्म द्वीप तथा गोरुक में स्थित रडार ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
बहरीन ने अपने और कुवैत पर किए गए ईरान के ताज़ा मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है। बहरीन के अनुसार, दोनों देशों ने ईरान द्वारा दागी गई सात मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत ने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारतीय ध्वज वाले 13 जहाजों को बाहर निकालने के लिए प्राथमिकता अभियान शुरू किया है।
कुवैत ने कहा कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुए ताजा हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अभियान जारी रखने और उसे कुचलने की कसम खाई है, जबकि डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। इसी बीच तेहरान ने भविष्य में दोबारा हमले रोकने के लिए ठोस गारंटी की मांग की है।