दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह लोगों की नींद हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ खुली। मौसम में इस अचानक बदलाव से राष्ट्रीय राजधानी में हल्की सर्दी जैसी ठंडक वापस महसूस की गई।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब कुछ दिनों पहले ही गर्मियों से पहले तापमान बढ़ना शुरू हो गया था।
JUSZNEWS के एक रिपोर्टर ने दिल्ली से रिपोर्टिंग करते हुए शहर के सुहावने मौसम को दिखाया।
तीन साल में सबसे ज्यादा बारिश वाला मार्च
हालिया बारिश ने इस महीने को पिछले तीन सालों में सबसे अधिक बारिश वाला मार्च बना दिया है। अब तक शहर में औसतन 9.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार, आखिरी बार मार्च में इससे अधिक बारिश 2023 में हुई थी, जब यह 50.4 मिमी तक पहुंची थी।
बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान
मौसम विभाग ने शुक्रवार तक हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की भी संभावना है।
न्यूनतम तापमान गिरकर 18°C हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, एक दिन पहले गुरुवार को तापमान लगभग एक महीने में पहली बार 30°C से नीचे गिरकर 26.8°C दर्ज किया गया।
दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसमें और बारिश तथा तापमान में और गिरावट की चेतावनी दी गई है, जो 23°C से 25°C के बीच रह सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कहा, “आम तौर पर आसमान में बादल छाए रहेंगे, सुबह के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक/बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज सतही हवाएं, जो झोंकों में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, चलने की संभावना है।”
विभाग ने आगे कहा, “पूर्वाह्न से शाम तक एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक/बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं, जो झोंकों में 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, चलने की संभावना है।”
जल्द फिर बढ़ेगा तापमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार के बाद तापमान धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। 25 मार्च तक अधिकतम तापमान 32°C से 34°C के बीच पहुंच सकता है।
अभी बारिश क्यों हो रही है?
विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम में यह अचानक बदलाव उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण है। यह सिस्टम बुधवार को और मजबूत हुआ और इसने पूरे उत्तर भारत में बारिश शुरू कर दी।
एक जलवायु विशेषज्ञ, डॉ. प्रदीप, ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट में इस सिस्टम को असामान्य बताया। उन्होंने कहा, “एक असामान्य पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पहुंचा है। इसकी संरचना काफी अलग है। हजारों किलोमीटर तक सीधी रेखा में फैली एक ट्रफ बनी हुई है, जो आमतौर पर बहुत दुर्लभ होती है। यह बहुत तेज गरज-चमक और तूफानी बादल पैदा कर सकता है, इसलिए सावधान रहें और भारत मौसम विज्ञान विभाग के निर्देशों का पालन करें।”
बढ़ती गर्मी से राहत
इस बारिश ने महीने की शुरुआत में देखी गई असामान्य गर्मी से राहत दिलाई है। 11 मार्च को शहर में अधिकतम तापमान 36.8°C दर्ज किया गया था, जो सामान्य से आठ डिग्री अधिक था।
दिल्ली में 7 मार्च तक ही तापमान 35°C पार कर गया था — जो कम से कम पिछले 15 वर्षों में सबसे जल्दी था।
