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रांची-दिल्ली एयर एम्बुलेंस झारखंड के जंगल में दुर्घटनाग्रस्त, सभी सात लोगों की मौत
रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस, जिसमें एक झुलसा हुआ मरीज और छह अन्य लोग सवार थे, खराब मौसम के बीच रडार संपर्क टूटने के बाद झारखंड के चतरा जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई।

झारखंड में एक दुखद विमान दुर्घटना में सात लोगों की जान चली गई, जब रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में एक गंभीर रूप से घायल मरीज के साथ पूरा मेडिकल दल सवार था।

चतरा जिले में एयर एम्बुलेंस हादसा

यह विमान रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट C90 था। इसमें 41 वर्षीय संजय कुमार को ले जाया जा रहा था, जो गंभीर रूप से झुलस गए थे। डॉक्टर उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल से उन्नत उपचार के लिए दिल्ली स्थानांतरित कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।

मरीज के अलावा विमान में छह अन्य लोग सवार थे। इनमें एक डॉक्टर, एक पैरामेडिक, दो परिचारक और दो पायलट शामिल थे। दुर्घटना में सभी सात लोगों की मौत हो गई।

उड़ान के दौरान संपर्क टूटा

विमान ने शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा हवाईअड्डे से उड़ान भरी। टेकऑफ के बाद उसका कोलकाता के हवाई यातायात नियंत्रण से संपर्क स्थापित हुआ।

कुछ ही देर बाद चालक दल ने खराब मौसम के कारण उड़ान मार्ग बदलने की इच्छा जताई। यह अनुरोध करने के तुरंत बाद लगभग 7:34 बजे विमान रडार से गायब हो गया। उस समय वह वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में था।

विमान वाराणसी या लखनऊ के हवाई यातायात नियंत्रण से दोबारा संपर्क स्थापित नहीं कर सका। इस अचानक संपर्क विच्छेद ने विमानन अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी।

जंगल क्षेत्र में मिला मलबा

बाद में खोज अभियान के दौरान झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास कसियातु जंगल में विमान का मलबा मिला। इससे पुष्टि हुई कि विमान दूरदराज के वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

अधिकारियों को आशंका है कि खराब मौसम दुर्घटना का एक कारण हो सकता है। हालांकि, अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। रांची हवाईअड्डा निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम संभावित कारण हो सकता है, लेकिन वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

जांच जारी

नागर विमानन महानिदेशालय ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। जांच के तहत रडार डेटा, उड़ान रिकॉर्ड और अन्य परिचालन विवरणों की समीक्षा की जा रही है।

इस हादसे ने भारत के गैर-निर्धारित विमानन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार्टर ऑपरेटरों और एयर एम्बुलेंस सेवाओं की अब नए सिरे से जांच की जा रही है।

रेडबर्ड एयरवेज, जिसकी स्थापना 2018 में हुई थी, देशभर में चार्टर और मेडिकल निकासी उड़ानें संचालित करती है। कंपनी आपातकालीन परिवहन के लिए चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से सुसज्जित विमान संचालित करती है।

इस दुखद घटना ने विमानन और चिकित्सा समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है और आपातकालीन हवाई स्थानांतरण में निहित जोखिमों तथा सख्त सुरक्षा निगरानी की आवश्यकता को उजागर किया है।