ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम में खेले गए पाँच मैचों की टी20 सीरीज़ के पाँचवें मुकाबले में भारत ने न्यूज़ीलैंड को 46 रन से करारी शिकस्त दी। पहले बल्लेबाज़ी का फैसला करते हुए भारत ने 20 ओवर में 5 विकेट पर विशाल 271 रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने आक्रामक शुरुआत दी, जबकि हार्दिक पांड्या ने अंत में उसी अंदाज़ में पारी को समाप्त किया। हालांकि, मैच का मुख्य आकर्षण ईशान किशन का शानदार और विस्फोटक शतक रहा। सूर्यकुमार यादव ने भी तेज़ अर्धशतक जड़ा। न्यूज़ीलैंड की ओर से लॉकी फ़र्ग्यूसन सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 41 रन देकर 2 विकेट लिए।
जवाब में फिन एलन और रचिन रवींद्र ने तेज़ शुरुआत कर न्यूज़ीलैंड को कुछ उम्मीद दिलाई, लेकिन भारत द्वारा रखा गया लक्ष्य बहुत बड़ा साबित हुआ। जैसे ही ऊँची रन गति के दबाव में विकेट गिरने लगे, न्यूज़ीलैंड की पारी लड़खड़ा गई और दो गेंद शेष रहते पूरी टीम ऑलआउट हो गई। भारत के लिए अर्शदीप सिंह (4 ओवर में 51 रन देकर 5 विकेट) और अक्षर पटेल (4 ओवर में 33 रन देकर 3 विकेट) सबसे प्रभावी गेंदबाज़ रहे। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज़ 4–1 से अपने नाम कर ली।
छक्कों की बरसात से भारत का विशाल स्कोर
किशन के साथ-साथ अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या सभी ने उपयोगी और प्रभावशाली पारियाँ खेलीं। भारत ने कुल 23 छक्के लगाए, जो टी20 अंतरराष्ट्रीय पारी में उसका संयुक्त सर्वोच्च रिकॉर्ड है।
हालांकि बाद में आतिशबाज़ी देखने को मिली, लेकिन भारत की शुरुआत तेज़ नहीं थी। पावरप्ले में टीम सिर्फ 54 रन ही बना सकी, जो पिछली हार वाले मैच के लगभग बराबर था। शुरुआती विकेटों के कारण लय थोड़ी थमी, लेकिन इसके बाद पूरी तरह भारत का दबदबा देखने को मिला।
सैमसन की नाकामी जारी
संजू सैमसन एक बार फिर घरेलू दर्शकों के सामने प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने 6 गेंदों में सिर्फ 6 रन बनाए और एक निराशाजनक सीरीज़ का अंत किया, जिसमें उनके स्कोर 10, 6, 0 और 24 रहे।
उनकी पारी में असहजता साफ दिखी। एक लीडिंग-एज चौके के बाद फिर ऐसा ही शॉट खेलते हुए वह आउट हो गए। गहरी ट्रिगर मूवमेंट और बंद बैट फेस ने पूरी सीरीज़ में उन्हें परेशान किया, और वही कमियाँ इस मैच में भी नज़र आईं।
इस खराब प्रदर्शन ने विश्व कप से पहले विकेटकीपर-ओपनर की भूमिका के लिए किशन के दावे को और मज़बूत कर दिया, खासकर तब जब तिलक वर्मा की वापसी तय मानी जा रही है।
किशन ने धीमी शुरुआत पर पाया काबू
नौ ओवर के बाद भारत का स्कोर सिर्फ 82/2 था। उस समय किशन 19 गेंदों पर 26 रन और सूर्यकुमार यादव 13 गेंदों पर 20 रन बनाकर खेल रहे थे। इसके बाद जो हुआ, वह बेहद रोमांचक था।
अंतिम 11 ओवरों में भारत ने 189 रन ठोक दिए और रन रेट 17 से भी ज़्यादा रहा। इस दौरान टीम ने अकेले 18 छक्के लगाए।
किशन ने सिर्फ 23 गेंदों में 77 रन ठोकते हुए 42 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। मिचेल सैंटनर के ख़िलाफ़ उनका आक्रमण खास रहा, जहाँ उन्होंने उनकी चतुर विविधताओं के बावजूद जमकर रन बटोरे। किशन ने सैंटनर के ख़िलाफ़ 12 गेंदों में 30 रन बनाए, जबकि सूर्यकुमार और हार्दिक ने 6-6 गेंदों में 15-15 रन जोड़े।
सूर्यकुमार के लिए उत्साहजनक संकेत
सूर्यकुमार यादव भी आत्मविश्वास से भरे नज़र आए। उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों के ख़िलाफ़ कई शानदार सीधे छक्के लगाए—यह वही क्षेत्र था जहाँ टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके खराब दौर के दौरान समस्या दिखी थी।
उनकी टाइमिंग और सामने की ओर आत्मविश्वास विश्व कप से पहले भारत के लिए सकारात्मक संकेत है।
एलन की अगुवाई में न्यूज़ीलैंड की संक्षिप्त वापसी
272 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूज़ीलैंड ने आक्रामक शुरुआत की। मार्च 2025 के बाद अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे फिन एलन ने बिग बैश लीग की अपनी विस्फोटक फॉर्म जारी रखी।
उन्होंने 38 गेंदों में 80 रन बनाए और रचिन रवींद्र के साथ मिलकर सिर्फ 48 गेंदों में 100 रन की साझेदारी की। एलन ने मात्र 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जिससे न्यूज़ीलैंड पावरप्ले में 79/1 तक पहुँच गया और कुछ देर के लिए दर्शकों को शांत कर दिया।
सही समय पर भारत की वापसी
तेज़ शुरुआत के बावजूद लक्ष्य बहुत बड़ा था। अक्षर पटेल ने नौवें ओवर में चतुर, सपाट गेंद पर एलन को आउट कर न्यूज़ीलैंड की लय तोड़ी। इसके बाद उन्होंने ग्लेन फिलिप्स को भी इसी तरह पवेलियन भेजा।
दबाव बढ़ने पर अर्शदीप सिंह ने पूरी तरह मैच पलट दिया। अपने पहले दो ओवरों में 40 रन देने के बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 5/51 के आँकड़े दर्ज किए—टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका पहला पाँच विकेट हॉल। उनके अहम विकेटों में रवींद्र शामिल थे, जिन्हें उन्होंने छुपी हुई नकल-बॉल बाउंसर से आउट किया।
अंत में ढील के बावजूद आरामदायक जीत
अंततः भारत ने मैच 46 रन से जीत लिया। यदि अंतिम दो ओवरों में पार्ट-टाइम गेंदबाज़ों का इस्तेमाल न किया गया होता, तो जीत का अंतर और बड़ा हो सकता था।
मैच आख़िरी ओवर तक गया, लेकिन नतीजे को लेकर कोई संदेह नहीं था। भारत ने सीरीज़ का अंत शानदार तरीके से किया और टी20 विश्व कप से पहले मज़बूत संदेश दिया।
संक्षिप्त स्कोरकार्ड
भारत (Ind): 271/5 (20 ओवर)
ईशान किशन 103(43), सूर्यकुमार यादव 63(30), हार्दिक पांड्या 42(17);
लॉकी फ़र्ग्यूसन 2/41(4), जैकब डफी 1/53(4)
न्यूज़ीलैंड (NZ): 225 (19.4 ओवर)
फिन एलन 80(38), इश सोढ़ी 33(15), रचिन रवींद्र 30(15);
अर्शदीप सिंह 5/51(4), अक्षर पटेल 3/33(4)
प्लेयर ऑफ़ द मैच: ईशान किशन
प्लेयर ऑफ़ द सीरीज़: सूर्यकुमार यादव
विशाखापत्तनम में असंतुलित और प्रयोगात्मक टीम के कारण मिली निराशा के बाद, भारत ने तिरुवनंतपुरम में अपनी परिचित दबदबे वाली शैली में वापसी की। टीम पूरी ताक़त के साथ उतरी, जिससे अनुभव और बल्लेबाज़ी की गहराई दोनों लौट आईं। टी20 विश्व कप से पहले अपने अंतिम आधिकारिक मैच में भारत ने लगभग बेदाग प्रदर्शन किया। ईशान किशन का पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा, जिसने भारत को इस प्रारूप का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर दिलाया। न्यूज़ीलैंड ने भी अपनी क्षमता दिखाई और 225 रन बनाए, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा साबित हुआ।
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