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ट्रंप का दावा: भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल की खरीद करेगा, जबकि नई दिल्ली और कराकास ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में अपने संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ईरान के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। उन्होंने यह बयान शनिवार शाम को वाशिंगटन डीसी से फ्लोरिडा जाते समय एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया।

ट्रंप ने कहा कि इस तरह के समझौते की अवधारणा पर पहले ही सहमति बन चुकी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि चीन भी ऐसे ही तेल समझौतों में शामिल हो सकता है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “चीन का स्वागत है कि वह आगे आए और तेल पर एक बेहतरीन समझौता करे… हम पहले ही एक समझौता कर चुके हैं। भारत इसमें आ रहा है और वह ईरान से तेल खरीदने के बजाय वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसलिए, हमने इस सौदे की अवधारणा पहले ही तय कर ली है…”

ईरानी तेल पर भारत की स्थिति

फिलहाल अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ईरान से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात नहीं करता है। हालांकि, इन प्रतिबंधों से पहले ईरान भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक था।

वेनेजुएला के नेतृत्व पर ट्रंप की टिप्पणी

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब संयुक्त राज्य अमेरिका वेनेजुएला के मामलों को नियंत्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में ले लिया गया है और उनकी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ को कार्यवाहक नेता के रूप में काम करने की अनुमति दी गई है। ट्रंप के अनुसार, यह व्यवस्था अमेरिका के साथ उनके सहयोग पर निर्भर करती है, खासकर वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार तक पहुंच देने के मामले में।

भारत और वेनेजुएला के बीच नेतृत्व स्तर पर संपर्क

इस बीच, वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की। इस बातचीत में ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

यह 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा कराकास में सैन्य कार्रवाई किए जाने और राष्ट्रपति मादुरो को मादक पदार्थों, हथियारों और नार्को-आतंकवाद से जुड़े आरोपों में हिरासत में लिए जाने के बाद भारत और वेनेजुएला के बीच नेतृत्व स्तर पर पहला संपर्क था।

फोन कॉल के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए कहा, “वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति सुश्री डेल्सी रोड्रीगेज़ से बातचीत हुई। हमने आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की साझा सोच के साथ सभी क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा व विस्तारित करने पर सहमति जताई।”

सहयोग के व्यापक क्षेत्र

भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इनमें व्यापार और निवेश, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, कृषि और लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं।

भारत की तेल नीति पर ट्रंप की आलोचना

डोनाल्ड ट्रंप भारत के तेल आयात, खासकर रूस से होने वाली खरीद, की बार-बार आलोचना करते रहे हैं, जो वर्तमान में भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा है। इसी मुद्दे पर उन्होंने भारतीय आयात पर शुल्क भी लगाए हैं। भारत ने इन कदमों का कड़ा विरोध किया है और इन्हें “अनुचित” बताया है।