महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार उन छह लोगों में शामिल थे, जिनकी बुधवार सुबह पुणे ज़िले में एक लियरजेट 45 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, वीटी-एसएसके पंजीकरण वाला यह विमान, जिसे वीएसआर संचालित कर रहा था, बारामती क्षेत्र में उतरने की कोशिश के दौरान हादसे का शिकार हुआ।
विमान में पाँच यात्री और दो क्रू मेंबर सवार थे। पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ), एक सहायक, पायलट-इन-कमांड और फर्स्ट ऑफिसर भी मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, विमान में सवार सभी छह लोगों की दुर्घटना में मौत हो गई।
हादसे के समय पवार ज़िला परिषद चुनावों से पहले चार सार्वजनिक बैठकों की श्रृंखला में हिस्सा लेने के लिए बारामती जा रहे थे।
लैंडिंग के दौरान हुआ हादसा
बारामती एयरपोर्ट के प्रबंधक शिवाजी तवारे ने पुष्टि की कि लियरजेट 45 (वीटी-एसएसके) लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई। यह हवाई अड्डा हाल ही में महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी को सौंपा गया है और इसका संचालन एक निजी ऑपरेटर कर रहा है।
दुर्घटना के कारणों की जांच अभी जारी है। शुरुआती जानकारी सीमित है और अधिकारियों ने अब तक विस्तृत विवरण जारी नहीं किया है।
पवार के सहयोगी किरण गुजर ने बताया कि सभी छह मृतकों को स्थानीय अस्पताल लाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
देशभर के नेताओं ने जताया शोक
अजित पवार के निधन की खबर से देशभर के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शोक व्यक्त किया।
विपक्षी नेताओं प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने भी संवेदनाएं प्रकट कीं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई अन्य राज्यों के नेताओं ने भी इस दुखद घटना पर शोक जताया।
अजित पवार का लंबा राजनीतिक सफर
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे और वे कई बार उपमुख्यमंत्री रहे। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकारों में कुल छह अलग-अलग कार्यकाल पूरे किए।
वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता थे और राज्य की राजनीति में उनकी अहम भूमिका रही। उनके अचानक निधन से न केवल उनकी पार्टी, बल्कि पूरे राजनीतिक जगत को गहरा आघात पहुंचा है।
शोक में डूबा राज्य, जांच जारी
अधिकारियों और राहत टीमों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई की, लेकिन तब तक सभी पीड़ितों की मौत हो चुकी थी। इस हादसे ने पूरे महाराष्ट्र को शोक में डुबो दिया है और यह याद दिलाया है कि अनुभवी अधिकारियों के लिए भी हवाई यात्रा जोखिम से खाली नहीं होती।
आगामी ज़िला परिषद चुनावों के लिए पवार सक्रिय रूप से प्रचार में जुटे थे, ऐसे में दुर्घटना का समय क्षेत्र के मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण और दुखद बन गया।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य विमानन प्राधिकरण इस दुर्घटना की जांच कर रहे हैं। आने वाले दिनों में विस्तृत रिपोर्ट जारी होने की उम्मीद है।
व्यक्तिगत और राजनीतिक क्षति
अजित पवार का निधन न केवल एक बड़ी राजनीतिक क्षति के रूप में देखा जा रहा है, बल्कि उनके परिवार, सहयोगियों और समर्थकों के लिए यह एक गहरी व्यक्तिगत त्रासदी भी है। उनकी कमी महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
