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न्यूज़ीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में संयम दिखाते हुए भारत ने 301 रन का लक्ष्य हासिल किया, सीरीज़ में 1–0 की बढ़त बनाई
वडोदरा में खेले गए पहले वनडे में भारत ने अंत के दबाव को पार करते हुए न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराया। विराट कोहली की संयमित 93 रन की पारी ने 301 रन के लक्ष्य के पीछा को आधार दिया, जबकि केएल राहुल ने लक्ष्य हासिल कर जीत सुनिश्चित की।

भारत ने वडोदरा में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के पहले मुकाबले में न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूज़ीलैंड ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। डैरिल मिचेल ने 71 गेंदों में 84 रन की तेज़ पारी खेली। हेनरी निकोल्स (62) और डेवोन कॉनवे (56) ने भी अहम योगदान दिया। क्रिस क्लार्क की छोटी लेकिन उपयोगी पारी की बदौलत न्यूज़ीलैंड 300 रन तक पहुंच सका।

भारत की ओर से मोहम्मद सिराज (8 ओवर में 2/40) सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, जबकि हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा ने दो-दो विकेट लिए।

लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा जल्दी आउट हो गए, लेकिन विराट कोहली और शुभमन गिल ने भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। गिल के आउट होने से पहले कोहली के साथ उनकी 118 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद श्रेयस अय्यर ने कोहली के साथ एक और अहम साझेदारी निभाई। 39 ओवर के बाद भारत 234/2 पर मज़बूत स्थिति में था, लेकिन काइल जैमीसन ने जल्दी-जल्दी तीन विकेट लेकर मैच में न्यूज़ीलैंड की वापसी कराई।

अंत में केएल राहुल ने संयम के साथ लक्ष्य पूरा किया और भारत ने छह गेंद शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज़ में 1–0 की बढ़त बना ली।

राणा ने तोड़ी ओपनिंग साझेदारी

मैच की शुरुआत में हर्षित राणा ने गेंद से अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पहले एक चौड़ी स्लोअर यॉर्कर से निकोल्स को चकमा दिया और फिर इनस्विंग गेंद पर कॉनवे को इनसाइड एज के जरिए बोल्ड कर दिया।

इसके बाद न्यूज़ीलैंड की पारी की रफ्तार थम गई। कई बल्लेबाज़ों ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन साझेदारियां लंबी नहीं चल सकीं।

मिचेल ने अंत में दिखाया दम

भारत के तेज़ गेंदबाज़ों ने ज़्यादातर विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव ने चतुराई से फेंकी गई ‘रॉन्ग’अन पर खतरनाक ग्लेन फिलिप्स को आउट किया।

डैरिल मिचेल न्यूज़ीलैंड की ओर से सबसे अलग नजर आए। उन्होंने कड़ी मेहनत वाली पारी खेली और सिर्फ चार चौकों के साथ 51 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 48वें ओवर में उन्होंने प्रसिद्ध कृष्णा पर 4, 6 और 4 जड़े, जिसमें शॉर्ट फाइन लेग के ऊपर से खेला गया स्कूप शॉट भी शामिल था। अगली ही गेंद पर वह एलबीडब्ल्यू आउट हो गए, लेकिन उनकी पारी ने न्यूज़ीलैंड को प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया, जो अंततः पर्याप्त साबित नहीं हुआ।

कोहली की पारी: नियंत्रण, क्लास और गणना

जब तक कोहली क्रीज़ पर थे, मुकाबले के करीबी होने की संभावना कम लग रही थी। उन्होंने शुभमन गिल के साथ 118 और श्रेयस अय्यर के साथ 77 रन की साझेदारी कर मज़बूत आधार तैयार किया।

कोहली की पारी में क्लासिक तकनीक और आधुनिक आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखा। उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों पर आगे बढ़कर शुरुआती ओवरों में ही आक्रमण किया। पहली 20 गेंदों में ही उनके बल्ले से छह चौके निकले। सेट होने के बाद उन्होंने रफ्तार कम की, स्ट्राइक रोटेट की और आसानी से खेल को नियंत्रित किया।

मिडिल ओवर्स में बल्लेबाज़ी का मास्टरक्लास

कोहली की बल्लेबाज़ी का एक दौर उनकी शानदार समझ को दर्शाता है। 75 से 79 रन के बीच उन्होंने 55 गेंदों में सिर्फ एक चौका लगाया, फिर भी वह पूरी तरह नियंत्रण में थे। मिडिल ओवर्स की फील्डिंग पाबंदियों का उन्होंने बखूबी फायदा उठाया।

लेग स्टंप के बाहर खड़े होकर उन्होंने अपनी योजना का संकेत दिया। डीप कवर और मिड-ऑफ पर कोई फील्डर नहीं था। क्लार्क ने उनकी तरफ गेंद डाली और कोहली ने कलाई का शानदार इस्तेमाल करते हुए गेंद को खाली बैकवर्ड स्क्वेयर लेग बाउंड्री की ओर भेज दिया।

आसान आउट से बदला मैच का रुख

कोहली शतक से कुछ रन दूर रह गए। उन्होंने जैमीसन पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन मिड-ऑफ पार नहीं कर सके। इसके बाद जैमीसन ने रवींद्र जडेजा और अच्छी लय में दिख रहे श्रेयस अय्यर को भी आउट कर दिया। चोट से वापसी कर रहे अय्यर ने लेग स्पिनर आदित्य अशोक की गेंदों पर अच्छे शॉट लगाए थे।

दोनों विकेट क्रॉस-सीम गेंदों पर गिरे, जो वडोदरा की काली मिट्टी की पिच पर थोड़ा अजीब बर्ताव कर रही थीं। यही हल्का मूवमेंट अधूरे शॉट्स पर भारी पड़ा।

जैमीसन ने पल में बदला मैच

जब नतीजा तय लग रहा था, तभी काइल जैमीसन ने सात गेंदों के भीतर कोहली, जडेजा और अय्यर को आउट कर मैच को पूरी तरह खोल दिया। भारत, जो कुछ देर पहले आराम से आगे था, अचानक दबाव में आ गया।

अब भारत को 53 गेंदों में 59 रन चाहिए थे, पांच विकेट गिर चुके थे और दो नए बल्लेबाज़ क्रीज़ पर थे। वॉशिंगटन सुंदर साइड स्ट्रेन से जूझ रहे थे और उन्हें रोका गया था, ऐसे में निचले क्रम के बल्लेबाज़ हर्षित राणा पर ज़िम्मेदारी आ गई।

दबाव में भी भारत ने रखा संयम

आसान दिख रहा लक्ष्य अब तनावपूर्ण हो गया। राणा ने साहस दिखाते हुए 23 गेंदों में 29 रन बनाए। वॉशिंगटन ने भी सीमित फिटनेस के बावजूद योगदान दिया। इससे पहले केएल राहुल ने मोर्चा संभाला।

राहुल ने डेब्यू कर रहे क्रिस्टियन क्लार्क पर 4, 4 और 6 जड़ते हुए मैच का शानदार अंत किया। भारत ने छह गेंद शेष रहते जीत हासिल की और कोटांबी स्टेडियम में खेले गए पहले पुरुष अंतरराष्ट्रीय मैच को दर्शकों की उम्मीद के मुताबिक रोमांचक अंत मिला।

राणा की छोटी पारी और राहुल का फिनिश

राणा एक बार तब बच गए जब डैरिल मिचेल ने मिडविकेट बाउंड्री पर उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने राहुल के साथ छठे विकेट के लिए 37 रन की साझेदारी में अहम योगदान दिया। 22 गेंदों में 22 रन की ज़रूरत के समय राणा आउट हो गए।

वॉशिंगटन के ठीक से दौड़ न पाने के कारण भारत ने सिंगल्स पर भरोसा रखा। इसके बाद राहुल ने कोई और नाटक नहीं होने दिया और नौ गेंदों में नौ रन की ज़रूरत के समय मैच खत्म कर दिया।

संक्षिप्त स्कोरकार्ड

न्यूज़ीलैंड (NZ): 300/8 (50 ओवर)
डैरिल मिचेल 84(71), हेनरी निकोल्स 62(69), डेवोन कॉनवे 56(67);
मोहम्मद सिराज 2/40(8), प्रसिद्ध कृष्णा 2/60(9)

भारत (Ind): 306/6 (49 ओवर)
विराट कोहली 93(91), शुभमन गिल 56(71), श्रेयस अय्यर 49(47);
काइल जैमीसन 4/41(10), आदित्य अशोक 1/55(6)

प्लेयर ऑफ द मैच: विराट कोहली

विराट कोहली ने पिछली पारी से ही अपनी लय बरकरार रखी। इस वनडे में भी उनका ‘बीस्ट मोड’ जारी रहा। हालिया पारियों में 74*, 135, 102 और 65* जैसे स्कोर उनके इरादों को दर्शाते हैं। 301 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली 93 तक सहजता से पहुंचे और एक और शतक के करीब दिखे, जिससे भारत लंबे समय तक पूरी तरह नियंत्रण में रहा।

हालांकि, इस मैच ने न्यूज़ीलैंड के लिए दो समस्याएं उजागर कीं—चोटों के कारण उनका गेंदबाज़ी आक्रमण अनुभवहीन था और 300 रन का स्कोर भी पर्याप्त कुशन नहीं दे सका।

न्यूज़ीलैंड की पारी की शुरुआत अच्छी रही थी। कॉनवे और निकोल्स ने पहले विकेट के लिए 117 रन जोड़े, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने रन गति पर नियंत्रण बनाए रखा। नियमित अपडेट्स के लिए JUSZNEWS के साथ बने रहें।