संयुक्त अरब अमीरात 1 मई से ओपेक से बाहर हो जाएगा और सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव तथा वैश्विक ऊर्जा झटके के बीच तेल उत्पादन पर अधिक नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करेगा।
अमेरिका और इज़राइल के ताज़ा हमलों में ईरान के महत्वपूर्ण गैस क्षेत्र साउथ पार्स को निशाना बनाया गया है, जबकि तेहरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़ी युद्धविराम शर्तों को खारिज कर दिया है।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार बाधित हो रहे हैं, ऐसे में इटली की प्रधानमंत्री ने गल्फ क्षेत्र की यात्रा शुरू की है ताकि देश की तेल और गैस की आपूर्ति सुरक्षित की जा सके। यह दौरा ईरान‑विपरीत तनाव के बीच इटली की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से है।
कीर स्टारमर ने ईरान से जुड़े संघर्ष में यूके की भागीदारी से इनकार करते हुए होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए वैश्विक वार्ता आयोजित करने की घोषणा की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की चेतावनी दी, अन्यथा उसे अमेरिकी हमलों का सामना करना पड़ेगा। बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के प्रमुख पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है।
अमेरिका-इज़राइल युद्ध के दौरान ईरान के पार्स गैस क्षेत्र पर हुए हमले ने संघर्ष को खतरनाक रूप से बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर जोखिम बढ़ गया है और क्षेत्रीय तनाव और तीव्र हो गया है।
अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बढ़ते तनाव के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है और भारत की ऊर्जा सुरक्षा व अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।