फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई अपनी बैठक में आर्थिक, व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के कार्यान्वयन को चर्चा का प्रमुख केंद्र बनाया गया।
भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक साझेदारी (कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप) के स्तर तक उन्नत किया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा, अनुसंधान, शिक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
भारत और इंडोनेशिया ने नई दिल्ली में उच्च-स्तरीय वार्ता की, जिसका उद्देश्य अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना और रक्षा, व्यापार, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और क्षेत्रीय मामलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना है।
व्लादिमीर पुतिन ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता का समर्थन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रतिबंधों की धमकियां प्रभावी नहीं होंगी। उन्होंने रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में भारत-रूस के बीच दशकों पुराने विश्वास-आधारित सहयोग और मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों के मजबूत संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रक्षा, व्यापार तथा वैश्विक मुद्दों पर बढ़ते सहयोग को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग से जुड़े नए समझौतों की घोषणा करते हुए भारत और साइप्रस के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा दिया।
भारत और ब्राज़ील ने चीन पर निर्भरता कम करने तथा व्यापार, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेयर अर्थ समझौते सहित आठ अन्य समझौतों पर हस्ताक्षर किए।