अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के समर्थन वाला एक विधेयक पेश किया गया है, जिसमें भारत सहित रूसी तेल के प्रमुख खरीदार देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नई दिल्ली ने वॉशिंगटन पर "दोहरा मापदंड" अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं, लेकिन भारत इस समझौते पर तभी हस्ताक्षर करेगा, जब यह समझौता भारत को उसके वैश्विक प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में टैरिफ में स्पष्ट बढ़त (शुल्क लाभ) की गारंटी देगा।
आगामी व्यापार समझौते के तहत भारत को अमेरिकी बाज़ार में कई प्रमुख निर्यात उत्पादों के लिए शून्य-शुल्क प्रवेश मिलेगा, जिससे प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यातकों के लिए नए विकास के अवसर पैदा होंगे।
भारत और अमेरिका ने एक बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है, जिसके तहत शुल्क में बड़ी कटौती की गई है, जबकि भारत के संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को सुरक्षित रखा गया है।
भारत और यूरोपीय संघ ने दिसंबर की समयसीमा से पहले लंबित मुक्त व्यापार समझौते के महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाने के लिए नई दिल्ली में नई दौर की वार्ता शुरू की।