ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के बीच संभावित मुलाकात को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया।
ईरान का कहना है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तब तक मंजूरी नहीं देगा, जब तक उसमें ईरानी अधिकारों की पूरी तरह से रक्षा सुनिश्चित न हो जाए। इस बीच परमाणु, सैन्य और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच वार्ता ठप बनी हुई है।
भारत में ईरानी दूतावास ने ईरान को लेकर मार्को रुबियो की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए अमेरिका और इज़राइल पर पश्चिम एशिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया, साथ ही तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और ऊर्जा नीतियों का बचाव किया।
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने ईरान के साथ कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि रुकी हुई शांति वार्ताओं को फिर से शुरू कराया जा सके।
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधे बातचीत से इनकार कर दिया है, जबकि इस्लामाबाद में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अब्बास अराघची मध्यस्थता प्रयासों के तहत पाकिस्तान पहुंचे हैं, वहीं वॉशिंगटन ने संभावित ईरानी प्रस्ताव के संकेत दिए हैं।