फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई एक चर्चित मुलाकात ने सबका ध्यान आकर्षित किया। इस संक्षिप्त लेकिन अहम बातचीत ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता की पृष्ठभूमि तैयार की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई अपनी बैठक में आर्थिक, व्यापार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते के कार्यान्वयन को चर्चा का प्रमुख केंद्र बनाया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। वार्ताकार अब अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए बचे हुए कुछ मुद्दों को सुलझाने पर काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में आयोजित एक व्यापार शिखर सम्मेलन के दौरान नॉर्वे की कंपनियों से भारत में अपने निवेश का विस्तार करने का आग्रह किया, जबकि कई कंपनियों ने भारतीय बाजार में नियामकीय और परिचालन संबंधी चुनौतियों को भी सामने रखा।
शी जिनपिंग ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका-चीन संबंधों के लिए एक “नई दृष्टि” पर सहमत हुए हैं, जिसका फोकस सहयोग, स्थिरता और दोनों वैश्विक शक्तियों के बीच टकराव से बचने पर है।
जापान भारत में एक नया कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है, ताकि आर्थिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप्स तथा महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों का लाभ उठाया जा सके।