प्रल्हाद जोशी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। उनकी तत्काल प्राथमिकता NEET पेपर लीक विवाद के बाद भारत की परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करना है।
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उनका फैसला छात्रों और देश के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, न कि व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के कारण।
सोनम वांगचुक ने परीक्षा सुधारों और पेपर लीक मामलों पर सरकार से आश्वासन मिलने के बाद अपनी 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रहने की संभावना है।
करीब 50,000 प्रदर्शनकारियों ने NEET विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए मध्य दिल्ली में मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी।